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लखनऊ: तेज विस्तार की ओर द वेल्थ कंपनी, स्मॉल कैपफंड के साथ नई रणनीतिक शुरुआत


लखनऊ/कानपुर। द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड ने स्मॉल कैप सेगमेंट में कदम रखते हुए ‘द वेल्थ कंपनी स्मॉल कैपफंड’ लॉन्च किया है। पिछले आठ महीनों में यह कंपनी का नौवां फंड लॉन्च है, जो सक्रिय रूप से प्रबंधित रणनीतियों में उसके तेज विस्तार को दर्शाता है।जुलाई 2025 से अब तक इक्विटी, हाइब्रिड और पैसिव रणनीतियों में विविध उत्पादों का पोर्टफोलियो तैयार किया है। हाल ही में गोल्ड म्ज्थ् थ्वथ् और बैलेंस्डएडवांटेजफंड भी लॉन्च किए गए हैं। यह नया लॉन्च रिसर्च-आधारित और अलग पहचान वाली इक्विटी फ्रेंचाइजी बनाने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।इक्विटी स्मॉल कैप श्रेणी के तहत वर्गीकृत यह योजना अपनी शुद्ध संपत्ति का न्यूनतम 65 प्रतिशत हिस्सा स्मॉल कैप कंपनियों के इक्विटी और संबंधित साधनों में निवेश करेगी। सेबी के नियमों के अनुसार, 251वें स्थान और उसके बाद की पूर्ण मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली कंपनियाँ स्मॉल कैप मानी जाती हैं। इस फंड का बेंचमार्क छप्थ्ज्ल् ैउंससब्ंच 250 ज्त्प् होगा।यह लॉन्च ऐसे समय में हुआ है जब आने वाले दशक को आकार देने वाले कई नवाचार और संरचनात्मक बदलाव छोटे, चुस्त और उभरते व्यवसायों में विकसित हो रहे हैं। स्मॉल कैप कंपनियाँ अक्सर भविष्य में बड़ी  शुरुआत करती हैं। बड़े शेयरों की तुलना में इन पर विश्लेषकों का कवरेज कम होता है, जिससे सजग निवेशकों को छिपे अवसर खोजने का बेहतर मौका मिलता है। द वेल्थ कंपनी म्यूचुअल फंड का मानना है कि स्मॉल कैप में निवेश केवल उच्च विकास की संभावना नहीं, बल्कि भविष्य को आकार देने वाली कंपनियों में शुरुआती भागीदारी का अवसर है।कंपनी की संस्थापक, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मधु लुनावत ने कहा,“हमारा स्मॉल कैपफंड ऐसे सेगमेंट में संतुलित और सोच-समझकर किया गया विस्तार है, जो भले ही अधिक उतार-चढ़ाव वाला हो, लेकिन दीर्घकाल में महत्वपूर्ण संपत्ति सृजन की क्षमता रखता है। पिछले आठ महीनों में हमने मजबूत प्रक्रियाओं और जोखिम प्रबंधन ढांचे के साथ सक्रिय रणनीतियों का निर्माण किया है। स्मॉल कैप में प्रवेश उसी रणनीति का स्वाभाविक विस्तार है। पिछले पाँच वर्षों में 83 प्रतिशत स्मॉल कैपफंड्स ने अपने बेंचमार्क को पीछे छोड़ा है। नकारात्मक खबरों में उलझने के बजाय, निवेशकों को दीर्घकालिक संपत्ति निर्माण पर ध्यान देना चाहिए।मुख्य निवेश अधिकारी अपर्णा शंकर ने कहा कि भारत का स्मॉल कैप क्षेत्र उभरते हुए सेक्टर लीडर्स और विशिष्ट नवप्रवर्तकों का घर है, जो भविष्य में मिड और लार्ज कैप कंपनियों में विकसित होने की संभावना है द्य हमारा उद्देश्य केवल गति का पीछा करना नहीं, बल्कि मजबूत बुनियादी आधार, बेहतर प्रबंधन और संतुलित मूल्यांकन वाली कंपनियों का पोर्टफोलियो तैयार करना है। स्मॉल कैप निवेश में कठोर चयन प्रक्रिया, तरलता अनुशासन और सशक्त जोखिम नियंत्रण आवश्यक है। हमारा दृष्टिकोण गहन शोध, व्यापक आर्थिक समझ और संरचित निगरानी पर आधारित है।यह फंड सक्रिय प्रबंधन रणनीति अपनाएगा, जिसमें स्वामित्व आधारित स्क्रीनिंग मॉडल, मूलभूत विश्लेषण और जोखिम मापन उपकरण शामिल होंगे। पोर्टफोलियो निर्माण में बेहतर रिटर्न के साथ संतुलित विविधता और तरलता नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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