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अयोध्या में सूर्य की किरणों से हुआ प्रभु राम का अभिषेक, पीएम नरेंद्र मोदी ने किए वर्चुअल दर्शन


चैत्र शुक्ल नवमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को देशभर में रामनवमी का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। भगवान राम के जन्मोत्सव के इस दिन अयोध्या में भव्य तैयारियां की गई हैं। दोपहर 12 बजे रामलला के माथे पर सूर्य की किरणों से विशेष सूर्य तिलक किया गया है। अयोध्या में भगवान राम का जन्म दोपहर 12 बजे हुआ था। वे सूर्यवंशी हैं, इसलिए आज दोपहर ठीक 12 बजे सूर्य देवता अपनी किरणों से रामलला को तिलक किया। सूर्य की किरणें रामलला के माथे पर लगभग 4 मिनट तक पड़ीं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी रामलला के वर्चुअल दर्शन किए।

बता दें कि सूर्य तिलक के लिए भारतीय वैज्ञानिकों ने बड़ी मेहनत की है। इसके लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) ने सूर्य की गति और किरणों का अध्ययन किया। ड्राइंग और पेपर वर्क पूरा किया। रुड़की के सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (CBRI) के वैज्ञानिकों ने लैब में प्रयोग करके पूरी व्यवस्था को सफल बनाया। जब परीक्षण सफल हो गया, तब बेंगलुरु की एक संस्था ने राम मंदिर में यह हाईटेक यंत्र लगाया। दर्पण और लेंस की मदद से सूर्य की किरणों को ठीक समय पर रामलला के माथे तक पहुंचाया जाता है।

रामनवमी के मौके पर रामलला का जन्मोत्सव सुबह से ही विभिन्न अनुष्ठानों के साथ शुरू हो गया। सबसे पहले प्रभु रामलला को दूध, दही, शहद और सरयू नदी के जल से स्नान करवाया जाएगा। इसके बाद उन्हें कीमती आभूषण और सुंदर पोशाक पहनाई जाएगी। दोपहर 12 बजे सूर्य तिलक के बाद महाआरती का आयोजन हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस कार्यक्रम की जानकारी दी थी। श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए पूरी निगरानी रखी जा रही है।

राम नवमी चैत्र नवरात्रि का आखिरी दिन है, जो 9 देवी शक्तियों के 9 रूपों की पूजा का समापन करता है। पूरे भारत में इस त्योहार को बड़ी श्रद्धा से मनाया जाता है। रामनवमी के दौरान लोग 9 दिनों का व्रत रखते हैं, जिसमें शराब, धूम्रपान से परहेज, सात्विक शाकाहारी भोजन और प्रार्थना-ध्यान शामिल होता है। देशभर के मंदिरों में रामनवमी की रौनक छाई हुई है। भजन-कीर्तन, आरती और प्रसाद वितरण का दौर चल रहा है। अयोध्या में यह दिन खास है, क्योंकि यहां भगवान राम का जन्म हुआ था। भक्त इस अवसर पर प्रभु राम से शांति, सद्भाव और सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

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