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लिवर के लिए संजीवनी है मकोय, इन बीमारियों में भी करता है फायदा


मकोय एक खरपतवार है, जो कहीं भी खेत या जंगल में आसानी से उग जाता है। मकोई का उपयोग कई बीमारियों में किया जा सकता है। लेकिन लोग मकोय के फायदों के बारे में बहुत कम जानते हैं। मकोय के फल और पत्ते दोनों फायदेमंद होते हैं। इस पर हरे रंग के छोटे बीज जैसे आते हैं जो पकने पर पीले और गहरे नारंगी हो जाते हैं। आचार्य बाल कृष्ण के अनुसार आयुर्वेद में मकोय को एक बहुत अच्छी औषधि माना गया है जो लिवर के लिए संजीवनी का काम करती है। मकोय का इस्तेमाल सांस से जुड़ी समस्याओं को दूर करने, पेशाब बढ़ाने, किडनी, सूजन, बवासीर, दस्त और बुखार में किया जाता है। आइये जानते हैं मकोय का इस्तेमाल किन बीमारियों में फायदेमंद साबित होता है?
मकोय के फायदे
  • लिवर के लिए फायदेमंद- मकोया को लिवर के लिए बहुत अच्छा फल माना गया है। 10-15 मिलीग्राम मकोय की जड़, तना, पत्‍ता, फूल और फल के रस को पीने से लिवर संबंधी विकार दूर होते हैं। इससे लिवर बढ़ने की समस्या दूर होती है। मिट्टी के बर्तन में मकोय का रस उबालकर सुबह पीने से लिवर से जुड़े रोगों में फायदा मिलता है।
  • किडनी के लिए फायदेमंद- किडनी विकार दूर करने में मकोय का सेवन फायदेमंद माना जाता है। करीब 10-15 मिलीग्राम मकोय का अर्क रोज पीने से किडनी में सूजन की समस्या दूर होती है। इससे किडनी के दर्द को कम करने में भी मदद मिलती है।
  • खांसी में फायदेमंद- अगर आपको बहुत खांसी हो रही है तो मकोय के पत्‍तों की सब्जी बनाकर खा सकते हैं। इसके अलावा मकोय के फूल और फल का काढ़ा बनाकर पी लें। इससे खांसी और नाक में सूजन की समस्या कम होगी। सर्दी जुकाम में ये काढ़ा फायदेमंद होगा। ये नाक में जमे कफ को निकालने का काम करता है।
  • छाले में फायदेमंद- अगर आपको मुंह में छाले हो गए हैं तो आप 5-6 मकोय के पत्तों को चबा लें। इससे मुंह के छाले की परेशानी ठीक हो जाएगी। मकोय के पत्तों का रस घी में मिलकर मसूड़ों पर लगाने से बच्चों के दांत निकलने की परेशानी कम हो जाती है।
  • पेट के रोग में फायदेमंद- मकोय के पत्ते, फल और डालियों का सत्त निकाल लें। इसके लिए पानी में मकोय को गर्म कर सुखा कर नीचे बचा हुआ पदार्थ निकालना होगा। इसे 23- दिनों तक करीब 2-8 ग्राम मात्रा में खा लें। इससे पेट की समस्याएं और पेट में पानी भरने की बीमारी में फायदा होगा।
मकोय का सेवन कैसे करें

आप मकोय के फल का रस निकालकर पी सकते हैं। एक बार में 5-10 मिलीग्राम मकोय का रस पी सकते हैं। अगर आप चूर्ण बनाकर इसका सेवन कर रहे हैं तो फल का चूर्ण 1-3 ग्राम तक कर लें। मकोय का काढ़ा 10-30 मिलीग्राम पी सकते हैं। हालांकि पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लें।
मकोय कैसा होता है

मकोय के पत्‍ते लाल मिर्च के पत्तों के जैसे हरे रंग के होते हैं। पौधे पर बहुत छोटे सफेद रंग के फूल आते हैं। इसका फल दिखने में रसभरी जैसा होता है, लेकिन बहुत छोटा यानि एक मोटी के बराबर होता है। मकोय में पूरे साल फूल और फल आ सकते हैं। मकोय का फल कच्‍चा होने पर हरे और पकने के बाद लाल, पीला या बैंगनी काले रंग के हो जाते हैं। इसमें रस और बहुत सारे टमाटक जैसे छोटे बीज होते हैं। मकोय की तासीर गर्म होती है। जो वात, पित्त और कप त्रिदोष को दूर करता है।

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