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सिलेंडर की सांस अटकी! कई शहरों में एलपीजी की बुकिंग ठप, एजेंसियों पर लंबी कतारें


देश के कई शहरों में इन दिनों LPG सिलेंडर की बुकिंग को लेकर लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है. ऑनलाइन सिस्टम में आ रही तकनीकी दिक्कतों और गैस एजेंसियों के बाहर लग रही लंबी कतारों की वजह से आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है. भोपाल, प्रयागराज, गाजियाबाद और हरिद्वार जैसे शहरों से सामने आ रही तस्वीरें बताती हैं कि रसोई गैस आज आम परिवारों के लिए कितनी जरूरी बन चुकी है.

भोपाल में जिन लोगों ने पहले से बुकिंग कर रखी है उन्हें तो सिलेंडर मिल रहा है, लेकिन नई बुकिंग कराने वालों को काफी परेशानी हो रही है. शहर के निवासी जितेंद्र ठाकुर ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले बुकिंग कर दी थी. हालांकि, अभी तक सिलेंडर की गाड़ी नहीं पहुंची. उन्होंने कहा कि उनकी ड्यूटी सुबह 10 बजे की है, लेकिन सिलेंडर मिलने के इंतजार में एजेंसी के पास बैठे रहना पड़ रहा है.

गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें भी लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं. कई उपभोक्ताओं का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग नंबर ही नहीं लग रहा, जिसके कारण उन्हें घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ता है. प्रयागराज की रहने वाली अंजली सिंह का कहना है कि स्थिति चिंता बढ़ाने वाली हो गई है. उनके अनुसार वह लगातार दो दिनों से लाइन में लग रही हैं, लेकिन बुकिंग नहीं हो पा रही. घर में गैस खत्म होने वाली है और उन्हें कोई साफ जानकारी भी नहीं मिल रही. गाजियाबाद की रमा शर्मा ने बताया कि वह करीब दो घंटे से काउंटर पर खड़ी थीं. कई दिनों से ऑनलाइन बुकिंग की कोशिश कर रही थीं, लेकिन सिस्टम काम नहीं कर रहा था. उनका कहना है कि जब एजेंसी में पूछते हैं तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता.

इस समस्या का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जिनके पास स्मार्टफोन या डिजिटल सुविधाएं नहीं हैं. कई मजदूरों ने बताया कि अगर उनके पास टच मोबाइल नहीं है तो बुकिंग करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में उन्हें बार-बार एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ते हैं और इससे उनकी मजदूरी का भी नुकसान होता है. हरिद्वार में दोपहर करीब ढाई बजे एक एजेंसी के बाहर 50 से 100 लोगों की लंबी कतार देखी गई. राजगुप्ता, अनीता रावत और पल्लवी शर्मा जैसे कई लोग घंटों धूप में खड़े रहे, लेकिन उन्हें यह तक नहीं बताया गया कि सिलेंडर कब मिलेगा. अनीता रावत ने कहा कि दो से तीन घंटे लाइन में खड़े रहने के बाद भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिलता. लोगों का आरोप है कि कई बार प्रभावशाली लोग लाइन तोड़कर आगे निकल जाते हैं, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग की परेशानी और बढ़ जाती है. इससे उपभोक्ताओं में नाराजगी भी बढ़ रही है.

इस बीच गैस से जुड़ी कुछ अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं. हापुड़ जिले में एक स्थानीय नेता के घर से 55 LPG सिलेंडर जब्त किए गए हैं. वहीं यादगीर, कर्नाटक में प्रशासन ने कई होटलों पर छापा मारकर 46 घरेलू सिलेंडर जब्त किए. अधिकारियों का कहना है कि घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ है और इससे आम लोगों की गैस आपूर्ति प्रभावित होती है. प्रशासन का कहना है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए. हालांकि जमीन पर हालात कुछ अलग नजर आ रहे हैं. तकनीकी दिक्कतों, वितरण व्यवस्था की कमजोरियों और अवैध भंडारण की घटनाओं ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है.

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