पुणे के एक जाने-माने स्कूल के 84 स्टूडेंट्स दुबई में फंसे, ईरान की ओर से हमले जारी
March 01, 2026
पुणे के एक जाने-माने स्कूल के 84 स्टूडेंट्स दुबई में फंस गए हैं। 84 लोगों में 80 स्टूडेंट्स और 4 टीचर शामिल हैं। पुणे के एक जाने-माने स्कूल के सभी स्टूडेंट्स सुरक्षित हैं। विदेश मंत्रालय, पुणे के स्टूडेंट्स को जल्द से जल्द भारत वापस लाने की कोशिश कर रहा है।
बता दें कि ये स्टूडेंट्स "स्टडी विजिट" के लिए दुबई गए थे। कॉलेज ने अपील की है कि कृपया घबराएं नहीं, स्टूडेंट्स को जल्द से जल्द उनके देश वापस लाया जाएगा। सिविल एविएशन मंत्रालय भी स्टूडेंट्स को वापस लाने की कोशिश कर रहा है।
ईरान का दुबई से कोई सीधा विवाद नहीं है लेकिन ये ईरान की तरफ से एक जवाबी कार्रवाई है। दरअसल 28 फरवरी 2026 को जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए तो इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके साथ ही ईरान की राजधानी तेहरान और अन्य जगहों पर बड़ा नुकसान हुआ। ईरान ने इसकी प्रतिक्रिया में इज़राइल पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए और मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
ऐसे में ईरान ने दुबई में हमले इसलिए शुरू किए क्योंकि UAE (दुबई सहित) में अमेरिका के कई महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे हैं, जैसे अल-धफ्रा एयर बेस। ईरान ने इन्हें अमेरिकी संपत्ति मानकर निशाना बनाया। ईरान ने UAE पर 137 बैलिस्टिक मिसाइलें और 209 ड्रोन दागे (UAE रक्षा मंत्रालय के अनुसार), जिनमें से अधिकांश को इंटरसेप्ट किया गया। हालांकि कुछ मिसाइल/ड्रोन के मलबे से दुबई में विस्फोट हुए और नुकसान पहुंचा।
इसी तरह ईरान ने कतर, बहरीन, कुवैत और जॉर्डन जैसे देशों पर भी हमला किया है। क्योंकि ये सभी अमेरिकी सैन्य मौजूदगी वाले देश हैं। कुल मिलाकर ईरान द्वारा जिन जगहों पर हमला किया जा रहा है, उनमें से अधिकांश से उसका सीधा विवाद नहीं है। वह केवल अमेरिकी सहयोगियों पर प्रेशर बनाने के लिए ये हमले कर रहा है। हालात तनावपूर्ण है और कोई नहीं जानता कि ये कार्रवाई कब रुकेगी और कितने दिनों तक चलेगी। इन हमलों से मिडिल ईस्ट में हड़कंप मचा हुआ है और जनता डरी हुई है।
