16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने नामांकन के अंतिम दिन अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। पार्टी ने इस बार उम्मीदवारों के चयन में आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक और सवर्ण समाज के चेहरों को जगह दी है।
कांग्रेस की ओर से जारी लिस्ट में आदिवासी समाज से फूलोदेवी नेताम, दलित समाज से कर्मवीर सिंह बौद्ध, अल्पसंख्यक समाज से टी क्रिस्टोफर और सवर्ण समाज से वेम नरेंद्र रेड्डी, अनुराग शर्मा और अभिषेक मनुसिंघवी को उम्मीदवार बनाया गया है।
- फूलो देवी नेताम- आदिवासी उम्मीदवार
- कर्मवीर सिंह बौद्ध- दलित उम्मीदवार
- टी. क्रिस्टोफर- अल्पसंख्यक उम्मीदवार
- अभिषेक मनु सिंघवी- सवर्ण उम्मीदवार
- वेम नरेंद्र रेड्डी- सवर्ण उम्मीदवार
- अनुराग शर्मा- सवर्ण उम्मीदवार
25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के दरबा घाटी में हुए नक्सली हमले में फूलोदेवी नेताम बाल-बाल बच गई थीं। उस हमले में उन्हें गोली भी लगी थी, जिसके अंश आज भी उनके शरीर में मौजूद है।
पिछली बार कांग्रेस ने राज्य से बाहरी नेताओं को राज्यसभा भेजा था, जिनमें राजीव शुक्ला, रंजीत रंजन और केटीएस तुलसी शामिल थे। इसे लेकर प्रदेश इकाई में नाराजगी भी देखी गई थी। लिहाजा इस बार राज्य इकाई से किसी राज्य के व्यक्ति को ही उम्मीदवार बनाने का दबाव पार्टी पर था।
कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के जिला अध्यक्ष अनुराग शर्मा को भी राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया है। उन्हें मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू का करीबी माना जाता है।
ठाकुर और ब्राह्मण बहुल आबादी वाले हिमाचल प्रदेश में ब्राह्मण समाज से उम्मीदवार उतारकर कांग्रेस जातीय समीकरणों को संतुलित करने की कोशिश कर रही है।
अनुसूचित जाति समुदाय से आने वाले कर्मवीर सिंह बौद्ध को भी कांग्रेस ने राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। उन्हें कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू और कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम का करीबी माना जाता है।
तेलंगाना से वेम नरेंद्र रेड्डी को उम्मीदवार बनाया गया है। वे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के सलाहकार हैं और रेड्डी समुदाय से आते हैं। पहले ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि पार्टी बी. सुदर्शन रेड्डी को उम्मीदवार बनाएगी, लेकिन मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी शुरू से ही अपने सलाहकार वेम नरेंद्र रेड्डी के पक्ष में पैरवी कर रहे थे।
कांग्रेस ने तमिलनाडु में डीएमके के साथ गठबंधन के तहत मिली एक सीट से टी क्रिस्टोफर को उम्मीदवार बनाया है। माना जा रहा है कि पार्टी राज्य में क्रिश्चियन समाज को साधने की रणनीति के तहत यह फैसला लिया है, क्योंकि तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव भी ज्यादा दूर नहीं हैं।
