साल का पहला चंद्रग्रहण 3 मार्च की दोपहर से शुरू हो चुका है। यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा इसलिए चंद्रग्रहण का सूतक भारत में भी मान्य होगा। यह ग्रहण 3 मार्च की शाम 6 बचकर 48 मिनट पर समाप्त हो जाएगा। ग्रहण के समाप्त होने के बाद स्नान करना शुभ होता है इसके साथ ही घर और पूजा स्थल की सफाई भी ग्रहण के बाद करनी चाहिए। वहीं कुछ ऐसे मंत्र भी हैं जिनका जप चंद्रग्रहण के बाद करना शुभ माना जाता है। इन मंत्रों का जप करने से ग्रहण की नकारात्मकता को आप दूर कर सकते हैं और मानसिक शांति की आपको प्राप्त होती है।
चंद्रग्रहण के बाद इन मंत्रों का जप करना शुभ
चंद्र मंत्र- चंद्रग्रहण के प्रभाव से चंद्रमा की शक्ति क्षीण हो जाती है। इसलिए ग्रहण के दौरान भी और ग्रहण के बाद भी चंद्र ग्रह के मंत्रों का जप आपको करना चाहिए। इन मंत्रों का जप करने से चंद्रमा कुंडली में मजबूत भी होता है और आपको मानसिक शांति की भी प्राप्ति होती है।
- ॐ सों सोमाय नमः
- ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः
महामृत्युंजय मंत्र: - भगवान शिव चंद्रमा के पूज्य हैं। ऐसे में ग्रहण खत्म होने के बाद आपको महामृत्युंजय मंत्र 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्' का जप आपको अवश्य करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से ग्रहण की नकारात्मकता तो दूर होती ही है साथ ही आपको रोग-दोष से भी मुक्ति मिलती है।
गायत्री मंत्र: - ग्रहण खत्म होने के बाद आपको गायत्री मंत्र 'ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्' का जप करना चाहिए। इस मंत्र का जप करने से आपको मानसिक शुद्धि प्राप्त होती है और ग्रहण के बुरे प्रभाव भी दूर होते हैं।
ॐ का जप- ॐ को सभी मंत्रों का मूल या बीज मंत्र कहा जाता है। इसलिए ग्रहण के बाद ॐ का उच्चारण करने से भी आपको शुभ फल प्राप्त होते हैं। ऐसा करने से आपके स्वास्थ्य और आत्मा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
