उत्तम नगर हत्याकांड: पीड़ितों की मदद के नाम पर फर्जीवाड़ा, 2 दिन में QR से जमा कर लिए 37 लाख रुपये
March 13, 2026
राजधानी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में होली के दिन हुई हालिया घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तमाम अफवाहें भी फैलाई जा रही हैं। इस मामले को धार्मिक एंगल देते हुए कुछ लोग अफवाह और भड़काऊ सामग्री फैलाने का काम कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ अब पुलिस की टीम ने कार्रवाई करनी शुरू कर दी है। इस तरह की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ द्वारका जिला पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ऐसे कई सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है।
द्वारका पुलिस के मुताबिक, कुछ लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भ्रामक और अपुष्ट जानकारी फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों से संपर्क कर ऐसे अकाउंट्स और पोस्ट हटाने के लिए कहा है। अब तक पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर भड़काऊ कंटेंट हटाने के लिए आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत 14 टेकडाउन रिक्वेस्ट भेजी हैं, जबकि इंस्टाग्राम पर 8 टेकडाउन रिक्वेस्ट भेजी गई हैं।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कुछ लोग घटना से जुड़ी झूठी कहानियां बनाकर लोगों से पैसे भी इकट्ठा करने की कोशिश कर रहे थे। 10 मार्च को एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक क्यूआर कोड के जरिए लोगों से आर्थिक मदद मांगी जा रही थी। पुलिस जांच में पता चला कि सिर्फ दो दिनों के भीतर उस संदिग्ध बैंक खाते में करीब 37 लाख रुपये जमा हो चुके थे। इसे देखते हुए पुलिस ने तुरंत संबंधित बैंक शाखा के मैनेजर को सूचना देकर खाते को फ्रीज कराने और उसमें जमा रकम पर रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस ने एक्स पर शेयर की गई एक वीडियो को शेयर किया है। इसके साथ ही जानकारी दी है कि महिला की वीडियो 10 मार्च को डाली गई, यूट्यूब पर एक क्यूआर कोड भी डालकर मदद की अपील की गई जिसके बाद इस क्यूआर कोड से बैंक में 37 लाख रुपए आए जिसको पुलिस ने फ्रीज कर दिया। पुलिस ने साफ कहा है ये महिला आरोपियों की एक रिश्तेदार है लेकिन इस हत्याकांड में महिला का कोई रोल नही है, न ही इस महिला को पता था कि इसकी वीडियो पर कोई पैसे एकाउंट में मंगाए जा रहे है। यूट्यूब वाला लिंक डिलीट करवा दिया गया है, जिसमें क्यूआर कोड था।
द्वारका जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की अप्रमाणित या भ्रामक जानकारी साझा न करें, क्योंकि ऐसा करना कानूनन अपराध है। पुलिस का कहना है कि जो भी लोग अफवाह फैलाकर शांति व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
