सूर्य के रौद्र रूप से खतरे में भारत! इसरो ने भीषण रेडियो ब्लैकआउट की चेतावनी जारी की
February 05, 2026
सूर्य के अंदर अभी तेज हलचल मची है, जिसने वैज्ञानिकों को चिंतित कर दिया है। इसकी वजह है सौर तूफान, जिसके कारण लगातार सोलर फ्लेयर्स रिलीज हो रहे हैं, जो धरती तक पहुंच रहे हैं। एक फरवरी से सूर्य लगातार पावरफुल सोलर फ्लेयर्स छोड़ रहा है। इसरो से लेकर नासा ने इसे लेकर चेतावनी जारी की है और कहा है कि भारत सहित दुनिया भर में रेडियो ब्लैकआउट या पावरग्रिड फेल होने की संभावना है।सोलर फ्लेयर्स सूर्य के अंदर होने वाले विस्फोटों की वजह से होते हैं और ये सोलर फ्लेयर्स चुंबकीय गुणों से भरे होते हैं, इन्हें सौर तूफान भी कहा जाता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि 5 फरवरी को धरती पर भू-चुंबकीय गतिविधि बढ़ सकती है और इसके कारण सामान्य इलाकों में भी नॉर्दर्न लाइट्स यानी ऑरोरा दिखाई दे सकते हैं। सूर्य पर आने वाले सौर तूफान जब पृथ्वी के वातावरण में टकराते हैं तो हलचल पैदा करते हैं। इस तरह के सोलर फ्लेयर्स से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन की बहुत ज्यादा मात्रा निकलती है, जो लगभग तुरंत पृथ्वी तक पहुंच जाती है। इसकी वजह से भारत की इसरो सहित दुनिया भर की अंतरिक्ष एजेंसियों ने चेतावनी जारी की है।
इसरो संभावित रेडियो ब्लैकआउट की स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है। बता दें कि तीव्र सौर तूफान, जब पृथ्वी की ओर बढ़ते हैं, तो उपग्रहों को नुकसान पहुंचाते हैं, टेलीविजन संकेतों को बाधित करते हैं और रडार तथा बिजली ग्रिड को प्रभावित करते हैं। नासा के स्पेस अलर्ट ने पुष्टि की है कि तेज फ्लेयर्स एक फरवरी को शुरू हुए थे। नासा ने अपने लेटेस्ट अलर्ट में कहा कि सूरज ने एक तेज फ्लेयर छोड़ा है, जो 4 फरवरी को सुबह 7.13 बजे (अमेरिकी समयानुसार) अपने चरम पर था।
इसरो के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि 50 से अधिक कार्यरत भारतीय उपग्रहों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है क्योंकि सौर गतिविधि में वृद्धि से संचार, नेविगेशन और उपग्रह पेलोड में व्यवधान उत्पन्न होने का खतरा है। इसरो ने बताया है कि, "रेडियो ब्लैकआउट की प्रबल संभावना है। इसरो के सभी उपग्रहों की बहुत बारीकी से निगरानी की जा रही है। इससे संचार बाधित होने की किसी भी स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जाएगी।"
