लखनऊ। स्थानीय निकाय निदेशालय मिनिस्टीरियल के अध्यक्ष संदीप पांडे एवं पदाधिकारीयो द्वारा शासकीय कर्मचारी हितों के दृष्टिगत निदेशक के समक्ष माँग पत्र प्रस्तुत किया गया । जिसमें शासनादेश में निहित व्यवस्था के अंतर्गत विभाग में 03 वर्ष से अधिक समय से एक ही पटल पर प्रत्यक्षध्अप्रत्यक्ष रूप से कार्यरत कर्मचारियोंध्अधिकारियों को एक पटल से दूसरे पटल पर स्थानान्तरित किया जाये, शासन द्वारा प्राविधानित रू0 7,00,000 के सापेक्ष आऊटसोर्स के माध्यम से कम्प्यूटर ऑपरेटर रखे जाना, इस संबंध में आप द्वारा मौखिक रूप से कई बार निर्देश दिये गये परन्तु इसका अनुपालन अभी तक नहीं हो पाया है।, निदेशालय संघ को पदाधिकारियों के विचार विमर्श, संगोष्ठी करने हेतु इस बिल्डिंग में किसी भी तल पर एक कक्ष आवंटित किया जाना, ई-आफिस प्रणाली पर सुचारू रूप से कार्य किये जाने हेतु स्कैनिंग फाईलों का प्रर्दशन हो।, संघ के संज्ञान में आया है, कि निदेशालय के कुछ कार्मिकों का विगत कुछ माह का वेतन भी रोका गया है, जिसे नियमानुसार अवकाश स्वीकृत करते हुए उनके वेतन संबधी आदेश निर्गत कराया जाये।, निदेशालय कार्मिकों को मंगल फॉन्ट पर कार्य किये जाने हेतु प्रशिक्षण दिलाया जाये। वर्तमान में सबसे ज्वलंत मांग यह है, कि उ०प्र० पालिका केन्द्रीयित सेवा के अंतर्गत विभिन्न कैडरों में 3601 पदों के अधिष्ठान संबंधी कार्य देखा जाता है, अब वर्तमान में पुनर्गठन के पश्चात् उ०प्र० पालिका केन्द्रीयित सेवा के अंतर्गत प्रदेश की विभिन्न निकायों में कुल पदो की संख्या लगभग 6686 हो गयी है, के अधिष्ठान संबंधी कार्यवाही देखने साथ-साथ शासन-प्रशासन द्वारा सौंपे गये कार्यों को व्यवहरित किया जाना निदेशालय के लिये एक गंभीर चुनौती एवं हम कर्मचारियों के लिये बड़ी ही चिंता का विषय होगी। नगर निकाय निदेशालय स्तर से अति महत्वपूर्ण जैसे ए०सी०पी०, पदोन्नति या मा० न्यायालय, मा० मुख्यमंत्री जी संदर्भ के प्रकरणों में कमेटी कर दी जाती है, परन्तु उन प्रकरणों में भी विलंब के लिये पटल सहायक ध् प्रशासनिक अधिकारी को ही उत्तर दायी ठहराया जाता है, जबकि पटल सहायक मात्र कमेटी अध्यक्ष ध् सदस्यों द्वारा निर्देश के क्रम में संबंधित अभिलेख ही उपलब्ध करा सकता है। संघ इसका पुरजोर विरोध करता है। निदेशालय द्वारा गठित कमेटी की राय ध् मंतव्य, कार्यवृत्त आपके समक्ष उपलब्ध कराने का दायित्व कमेटी अध्यक्ष ध् सदस्यों का होता है।
संघ द्वारा पूर्व में दिए गए अपने माँगों के क्रम में निदेशालय कर्मचारियों हितों के दृष्टिगत पुनः अनुस्मार मांग पत्र दिया गया है, जिसके साथ संलग्नक के तौर पर निदेशक नगर निकाय निदेशालय द्वारा निर्गत कार्यवृत्त की छायाप्रति भी संलग्न की गयी है, निदेशक महोदय द्वारा दिए गए स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जाएंगे ना अधीनस्थ अधिकारी को दिये गये लिखित ध् मौखिक निर्देश के बावजूद भी संघ द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र पर कोई उचित कार्यवाही नहीं की जा रही। निदेशालय के समस्त कर्मचारी इस बात से काफी क्षुब्ध एवं नाराज हैं। संघ द्वारा प्रस्तुत मांग पत्र 20 फरवरी, 2026 में अंकित किया गया है, कि यदि समय नियमानुसार विचार नहीं किया गया तो,
संघ विवश होकर उ०प्र० फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विस एसोसिएशन्स व सम्बद्ध संगठनों के साथ निदेशालय में आंदोलित होने के लिये बाध्य होगा। इस अवसर पर सभी कर्मचारी और एसोसिएशन के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
