सुलतानपुर। राजेश कुमार (मण्डला आयुक्त, अयोध्या मंडल) और कुमार हर्ष (जिलाधिकारी, सुलतानपुर) ने आज लम्भुआ तहसील पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण की सूचना मिलते ही तहसील परिसर में अफरा-तफरी देखी गई और कर्मचारी फाइलों को दुरुस्त करने में जुट गए। वहीं बहुत अरसे बाद लोगों के गले में आई कार्ड दिखा तहसील की हकीकत कुछ इस प्रकार है तहसील में कुछ पद ऐसे हैं जो आज तक सृजित नहीं है जैसे विद्युत व्यवस्था को देखने के लिए और सफाई कर्मचारी के रूप में जो महिला और पुरुष टॉयलेट को साफ कर सके सबसे बड़ी कमी चेनमैन के गुजर जाने के बाद पूरी तहसील में एक भी चैनमैन नहीं है जिससे जमीन की माप के दौरान किसान को संतुष्ट किया जा सके वही सबसे बड़ी कमी पूरी तहसील में 90 प्रतिशत चिहड्डे गायब हो गए हैं अथवा उनका तोड़ दिया गया है जिसके कारण संपूर्ण समाधान दिवस पर सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व की होती हैं लगभग कारण जमीनी विवाद का यही है वही लम्भुआ तहसील में जितने गांव हैं उसके सापेक्ष लेखपाल की तैनाती नहीं है समस्याओं का निस्तारण की गुणवक्ता का भी कारण लगभग यही रहा करता है यदि देखा जाए तो प्राइवेट व्यक्तियों से यदि काम ना लिया जाए तो तहसील किसी भी दशा में पूरी तरह चलने योग्य नहीं है कहीं ना कहीं अधिकारीयों को मांग पत्र देने में डर लगता है या किसी कारण से शासन स्तर पर आवश्यक कर्मचारियों की मांग नहीं कर पाते निरीक्षण के दौरान राजस्व अभिलेखों, विकास कार्यों की प्रगति, जन शिकायतों के निस्तारण और कार्यालयी व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की गई। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से जानकारी ली और कई महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच भी की।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज रही कि क्या इस निरीक्षण में वास्तविक कमियां सामने आएंगी या फिर सब कुछ “गुलाबी फाइलों” में ही दबकर रह जाएगा। आमजन को उम्मीद है कि यह निरीक्षण सिर्फ औपचारिकता न बनकर जमीनी स्तर पर सुधार लाने का माध्यम बनेगा।
मंडल आयुक्त और डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए और जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब देखना यह होगा कि इस निरीक्षण के बाद व्यवस्थाओं में कितना सुधार आता है और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होती है।
