संग्रामपुर: भ्रष्टाचार की पीली नींव पर टिकी सरकारी साख! विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन का बंदरबाँट
February 22, 2026
संग्रामपुर/अमेठी। जनपद के संग्रामपुर स्थित राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में निर्माणाधीन बाउंड्री वॉल (सीमा रेखा) भ्रष्टाचार और लापरवाही का जीवंत उदाहरण बनती जा रही है। विकास कार्यों के नाम पर सरकारी धन के बंदरबाँट और निर्माण मानकों की सरेआम धज्जियाँ उड़ाए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। स्थानीय स्तर पर हो रहे इस निर्माण कार्य ने न केवल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं, बल्कि भविष्य में छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी भय का वातावरण उत्पन्न कर दिया है।
सूत्रों और स्थलीय निरीक्षण से प्राप्त साक्ष्यों के अनुसार, निर्माण स्थल पर प्रयुक्त की जा रही सामग्री अत्यंत निम्न स्तर की है। नियमानुसार जहाँ गुणवत्तापूर्ण मोरंग और सीमेंट का मिश्रण अनिवार्य है, वहाँ रेत के ऊपर केवल दिखावे के लिए मोरंग की पतली परत चढ़ाई जा रही है। इतना ही नहीं, निर्माण में श्पीली ईंटोंश् (दोयम दर्जे की कच्ची ईंटें) का धड़ल्ले से प्रयोग हो रहा है, जो किसी भी संरचना के स्थायित्व के लिए घातक सिद्ध होती हैं। सबसे चिंताजनक पक्ष यह है कि बाउंड्री वॉल की नींव को बिना उचित गहराई और सुदृढ़ीकरण के ही भरा जा रहा है। तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि श्कमजोर नींवश् पर खड़ी दीवारें प्राकृतिक आपदा या सामान्य दबाव भी झेलने में अक्षम होती हैं। यह सीधे तौर पर राजकीय संपत्ति की क्षति और छात्राओं की सुरक्षा से खिलवाड़ है। किसी भी शैक्षणिक संस्थान का ढांचा केवल ईंट-पत्थर का मेल नहीं होता, वह भविष्य की सुरक्षा का कवच होता है। यदि भ्रष्टाचार की नींव पर दीवारें खड़ी की जाएंगी, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?।

