बाराबंकी । सांसद आवास ओवरी में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद पीएल पुनिया ने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर वर्तमान सरकार और चुनाव आयोग पर बेहद तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिस तरह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, वैसा देश ने पहले कभी नहीं देखा। जीवित लोगों को मृत और मृत को जीवित घोषित किया जा रहा है, जो सीधे-सीधे लोकतंत्र और संविधान का अपमान है।प्रेस वार्ता की शुरुआत में श्री पुनिया ने कहा कि चुनाव आयोग के दावों की सच्चाई अब जनता के सामने आ रही है। पंजरौली ग्राम सभा की महिला लज्जावती ने स्वयं उपस्थित होकर अपने जीवित होने के प्रमाण दिए और बताया कि उनके घर की एक अन्य महिला मुन्नी देवी को भी मृत दिखा दिया गया है, जबकि वह पूरी तरह जीवित है। इसी तरह हैदरगढ़दृसुब्हा क्षेत्र से भी ऐसे ही चैंकाने वाले मामले सामने आए हैं।
उन्होंने फॉर्म-7 के दुरुपयोग को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छपे-छपाए फॉर्म भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा बीएलओ को दिए जा रहे हैं और मतदाताओं के नाम कटवाने का दबाव बनाया जा रहा है। कई बीएलओ इसका विरोध भी कर रहे हैं। श्री पुनिया ने जिलाधिकारी बाराबंकी से शिकायत दर्ज कराते हुए चुनाव आयोग को चेतावनी दी कि इस तरह की धांधली को कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।पूर्व सांसद ने कहा कि यह सब सरकार और चुनाव आयोग की मिलीभगत से रचा जा रहा षड्यंत्र प्रतीत होता है, जिससे लोकतंत्र की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। संविधान को ताक पर रखकर हिटलरशाही का माहौल बनाया जा रहा है और सही मायने में मतदाताओं का निष्पक्ष मूल्यांकन हुआ ही नहीं है।प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद मोहसिन ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों का समर्थन करते हुए कहा कि जनपद बाराबंकी के कोने-कोने से फॉर्म-7 के दुरुपयोग की शिकायतें आ रही हैं। साक्ष्यों के साथ यह स्पष्ट हो रहा है कि भाजपा कार्यकर्ता बीएलओ पर दबाव बनाकर मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश कर रहे हैं।इस दौरान नगर अध्यक्ष राजेन्द्र वर्मा फोटोवाला, प्रवक्ता के.सी. श्रीवास्तव (एड.), राम हरख रावत, विजयपाल गौतम सहित कई कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रेस वार्ता का माहौल आक्रोश और चिंता से भरा रहा, जहां एक स्वर में निष्पक्ष चुनाव और लोकतंत्र की रक्षा की मांग उठी।
