Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

सिद्धारमैया सरकार पर बीजेपी का वार! झूठ बोलना और धोखा देना बंद करें


कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर राज्य की ज्वलंत समस्याओं को हल करने के बजाय सिर्फ झूठ बोलने और धोखा देने का आरोप लगाया है। बीजेपी राज्य कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, जिन्होंने रिकॉर्ड तोड़ 16 बार राज्य का बजट पेश किया है, को अब बहाने बनाने के बजाय समाधान पेश करने चाहिए। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री (डीके शिवकुमार) को यह झूठ बोलना और धोखा देना बंद करना चाहिए। 16 बजट पेश करके देवराज उर्स का रिकॉर्ड तोड़ने वाले अनुभवी मुख्यमंत्री को राज्य की ज्वलंत समस्याओं का समाधान देना चाहिए।

विजयेंद्र ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र की दयनीय स्थिति को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो महीनों से सरकारी अस्पतालों में दवाइयों की भारी कमी है, जिसकी वजह से गरीब मरीजों को निजी दुकानों से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार पर आरोप लगाया गया कि उसने सीटी स्कैन और एमआरआई सेवाएं प्रदान करने वाली एजेंसी को 143 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया है, जिससे गरीब मरीजों और गर्भवती महिलाओं की जांच प्रभावित हो रही है।

विजयेंद्र ने दावा किया कि राजनीतिक बदले की भावना से सरकारी अस्पतालों के भीतर चल रहे जन औषधि केंद्रों को बंद किया जा रहा है, जिससे सस्ती दवाएं पाने वाले मरीजों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि वेतन भुगतान न होने की वजह की वजह 108 एंबुलेंस कर्मी और डॉक्टर सड़कों पर प्रदर्शन करने को मजबूर हैं।

बीजेपी अध्यक्ष ने कांग्रेस सरकार को बिचौलियों की सरकार बताया। उन्होंने दावा किया कि दवा खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हो रही हैं और 15-20 प्रतिशत कमीशन के डर से प्रतिष्ठित कंपनियां टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने से कतरा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि दवा के टेंडर एक ही निजी व्यक्ति को क्यों दिए जा रहे हैं और दवाएं बाजार मूल्य से तीन गुना अधिक कीमत पर क्यों खरीदी जा रही हैं?

युवाओं के मुद्दे पर बोलते हुए विजयेंद्र ने कांग्रेस के चुनावी वादों की याद दिलाई। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में आने के एक साल के भीतर सभी रिक्त पदों को भरने का वादा किया था और राहुल गांधी ने भी 2.5 लाख रिक्तियों को भरने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि ढाई साल बीत जाने के बाद भी सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए हैं। वित्त विभाग की ओर से 40,000 से अधिक पदों के लिए मंजूरी मिलने के बावजूद भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |