थिएट्रिकल बैन के बावजूद पाकिस्तान में ओटीटी पर धड़ल्ले से देखी जा रही 'धुरंधर'
February 02, 2026
'धुरंधर' बॉलीवुड की सबसे बड़ी फिल्म बन चुकी है. इस स्पाई थ्रिलर ने भारत और विदेशी बॉक्स ऑफिस पर खूब गदर मचाया और छप्परफाड़ कलेक्शन किया. गौरतलब है कि धुरंधर को खाड़ी देशों और पाकिस्तान में थिएट्रिकल रिलीज़ नहीं मिली थी, ये देश ट्रेडिशनली हिंदी सिनेमा के ग्लोबल कमाई के लिए काफी अहम मार्केट माने जाते हैं.
इस कमी के बावजूद, आदित्य धर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने विदेशों में 1300 करोड़ रुपये से ज़्यादा की कमाई की. वहीं अब जब यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हो गई है तो थिएट्रिकल बैन के बावजूद धुरंधर पाकिस्तान में OTT पर टॉप स्पॉट पर ट्रेंड कर रही है
अब, धुरंधर की दुनिया भर में नेटफ्लिक्स रिलीज़ के बाद, यह फिल्म तेज़ी से हर जगह स्ट्रीमिंग चार्ट में टॉप पर पहुंच गई है. वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में, बड़ी संख्या में दर्शक धुरंधर देख रहे हैं और यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इसे "कॉन्ट्रोवर्शियल" क्यों बताया गया है. वीकेंड में सोशल मीडिया पर ऐसे स्क्रीनशॉट सामने आए जिनमें धुरंधर नेटफ्लिक्स पाकिस्तान पर फिल्मों की कैटेगरी में नंबर एक पर ट्रेंड कर रही थी, जिससे रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना स्टारर यह फिल्म तेरे इश्क में और हक, साथ ही द बिग फेक जैसी अन्य बॉलीवुड फिल्मों से आगे निकल गई है.
रणवीर सिंह की हाई-ऑक्टेन एक्शन फिल्म ने 30 जनवरी को अपना मच अवेटेड डेब्यू नेटफ्लिक्स पर किया था और दर्शक इसे देखने के लिए टूट पड़े. भारत में, पाकिस्तान की तरह ही, यह फिल्म अब Netflix की ट्रेंडिंग लिस्ट में नंबर 1 पर आराम से बनी हुई है. जहां तक एडिटिंग की बात है, फिल्म का रनटाइम काफी हद तक वैसा ही है. एकमात्र बदलाव संजय दत्त के किरदार SP असलम के बलूची डायलॉग को हटाना है, जिस पर पहले एक समुदाय ने कड़ी आपत्ति जताई थी और कानूनी शिकायत भी की थी. उस सीन को पहले भी थिएटर प्रिंट से हटा दिया गया था, और नेटफ्लिक्स पर कोई एक्स्ट्रा कट नहीं लगाए गए हैं.'
धुरंधर में रणबीर सिंह के अलावा अक्षय खन्ना, संजय दत्त, आर माधवन, राकेश बेदी, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन सहित कई कलाकारों ने अहम रोल प्ले किया है.धुरंधर एक स्पाई थ्रिलर है जिसमें रणवीर एक भारतीय जासूस का रोल निभा रहे हैं जो पाकिस्तान के लयारी के गैंग में घुसपैठ करता है. इसमें असली घटनाओं और असली लोगों को भारत की आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई की एक काल्पनिक कहानी के साथ मिलाया गया है.
यह फिल्म पाकिस्तान में रिलीज़ नहीं हुई क्योंकि पिछले कुछ सालों से उस देश ने भारतीय फिल्मों को वहां थिएटर में रिलीज़ करने की इजाज़त नहीं दी है.
