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बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने प्लानिंग के साथ किया अटैक, घिरी पाकिस्तानी सेना


पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक बार फिर चर्चा में है। संगठन ने दावा किया कि उसने ऑपरेशन हेरोफ 2.0 के दौरान पाकिस्तानी सेना को कई इलाकों में घेरा और नुकसान पहुंचाया है। BLA के अनुसार ऑपरेशन हेरोफ 2.0 उसका एक संगठित अभियान है, जिसका मकसद बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की मौजूदगी को चुनौती देना है। BLA का कहना है कि उसने ऑपरेशन के दौरान पहाड़ी और दुर्गम इलाकों का लाभ उठाते हुए पाकिस्तानी सेना की गतिविधियों पर नजर रखी। संगठन के अनुसार, सुरक्षा बलों के काफिलों को सीमित रास्तों में फंसा दिया गया, जिससे उनकी आवाजाही प्रभावित हुई और BLA के लड़ाकों ने इसका पूरा लाभ उठाया।

रिपोर्टों से पता चलता है कि बलूच लिबरेशन आर्मी ने उस वक्त बड़े हमलों को अंजाम दिया जब पाकिस्तानी सेना उत्तर-पश्चिमी खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ ऑपरेशन चला रही थी। 29 और 30 जनवरी, 2026 को पाकिस्तानी सेना ने खैबर पख्तूनख्वा में बड़े ऑपरेशन किए और यहां उसकी भारी मूवमेंट थी। BLA ने इसी बीच कुछ ही घंटों बाद ही 31 जनवरी, 2026 को ऑपरेशन हेरोफ 2.0 शुरू कर दिया। इस हमलों के दौरान BLA ने 12 जिलों करीब 48 इलाकों में समन्वित किए। TTP और BLA ऐतिहासिक रूप से अलग-अलग काम करते रहे हैं लेकिन TTP के प्रवक्ताओं ने पाकिस्तानी सैन्य ठिकानों पर हमलों के लिए BLA को बधाई दी है।

बलूचिस्तान का भूगोल की बात करें तो यहां पहाड़, रेगिस्तानी क्षेत्र और सीमित संचार व्यवस्था है। बलूच लिबरेशन आर्मी ने इसे ही अपनी ताकत बनाया और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर घातक हमला किया। हमले क्वेटा, ग्वादर, मस्तुंग, नोशकी, दलबंदिन, खारान, पंजगुर, टुम्प और पसनी जैसे कई इलाकों में एक साथ किए गए। एक साथ किए गए हमलों की वजह से पाकिस्तानी सेना की मूवमेंट ही नहीं हो सकी।

बलूच विद्रोहियों ने पुलिस स्टेशन, सुरक्षा चौकियां, बैंक, बाजार, सरकारी कार्यालय और अन्य संवेदनशील स्थानों पर हमले किए। कई जगहों पर सड़कें ब्लॉक की गईं, वाहनों में आग लगाई गई और सेंट्रल जेल से तमाम कैदियों को रिहा कर दिया गया। बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता जीयांद बलूच ने कहा है कि लड़ाकों ने कई इलाकों में ऑपरेशन पूरे कर लिए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कई अन्य इलाकों में लड़ाई अब भी जारी है।

BLA ने दावा किया है कि उसके हमलों में पाकिस्तान सेना, पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के 200 से अधिक जवान मारे गए हैं और कम से कम 17 लोगों को पकड़ा गया है। समूह ने कहा है कि उसके लड़ाके क्वेटा और नोशकी के कुछ हिस्सों में मौजूद हैं जहां से इस्लामाबाद की सैन्य मौजूदगी को पीछे धकेल दिया गया है। हमलों में महिला आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल भी देखा गया, जिनमें से 2 की तस्वीरें BLA ने जारी की हैं।

बलूच लिबरेशन आर्मी पाकिस्तान से आजादी की मांग करती है और हाल के दिनों में इसने अपनी रणनीति में व्यापक बदलाव किए हैं। इन बदलावों का ही असर है कि हमले बार-बार हुए हैं, समन्वित तौर पर हुए हैं और पहले से कहीं घातक हुए हैं। 2022 में तो BLA ने सेना और नौसेना के ठिकानों पर हमले कर पाकिस्तान की सेना और सरकार को चौंका दिया था। अगस्त 2024 में BLA के लड़ाकों ने बलूचिस्तान भर में समन्वित हमले किए थे, जिसमें राजमार्गों पर घात लगाकर हमले भी शामिल थे। मार्च 2025 में बलूच लिबरेशन आर्मी ने रेलवे पटरियों को नुकसान पहुंचाया और जाफर एक्सप्रेस यात्री ट्रेन को ही हाईजैक कर लिया। इस समूह ने महिला आत्मघाती हमलावरों का भी इस्तेमाल किया जिसमें कराची में चीनी नागरिकों को निशाना बनाकर किए गए हमले भी शामिल हैं।

BLA ने इन हमलों को चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) परियोजनाओं, चीनी हितों और संसाधनों के शोषण के खिलाफ बताया है। बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों (गैस, तांबा, सोना) से समृद्ध है, लेकिन स्थानीय लोग विकास की कमी और अन्याय की शिकायत करते हैं। विद्रोह से एक बात तो साफ है कि BLA ने हाल के वर्षों में हमलों को पूरी प्लानिंग के साथ अंजाम दिया है। बलूचिस्तान में पाकिस्तान सेना की बर्बरता किसी से छिपी नहीं है। यहां से हजारों की संख्या में लोग गायब है जिनके बार में आज तक पता नहीं चल सका है। अकूत प्राकृतिक संपदा के बावजूद, बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे गरीब प्रांत बना हुआ है।

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