Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

उत्तराखड: सतत विकास लक्ष्य, पीएम गतिशक्ति एवं विजन 2047 पर कार्यशाला सम्पन्न


उत्तराखड । कलेक्ट्रेट सभागार में सतत विकास लक्ष्य पीएम गतिशक्ति एवं विजन 2047 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ। कार्यशाला का आयोजन जिला अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा किया गया। शैलेन्द्र सिंह, सीपीपीजीजी, नियोजन विभाग एवं ऐश्वर्य सिंह, पीएम गतिशक्ति विशेषज्ञ देहरादून द्वारा कार्यशाला में उक्त विषयों पर चर्चा की गई। 

जिला अर्थ एवं सांख्यिकी अधिकारी अतुल आनंद ने कार्यशाला में सम्बोधित करते हुए एसडीजी के बारे में जानकारी दी कि जिला संकेतक फ्रेमवर्क में 132 संकेतक हैं, जिनमें से 43 संकेतकों पर प्रतिमाह सूचना संकलित कर सीपीपीजीजी (ब्च्च्ळळ) को भेजी जाती है। एसडीजी इंडिया इंडेक्स 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखण्ड राज्य देश में प्रथम स्थान पर रहा है। एसडीजी इंडेक्स उत्तराखण्ड 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार 13 जनपदों में उत्तरकाशी तृतीय स्थान पर रहा है।

उत्तरकाशी में एसडीजी के तहत आजीविका, पर्वतीय कृषि, बागवानी और जैविक खेती को प्रोत्साहन, गांवों तक स्वास्थ्य सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार लाने का प्रयास किया जा रहा है। उत्तरकाशी, जो गंगा के उद्गम स्थल गंगोत्री के लिए प्रसिद्ध है, स्वच्छ जल और स्वच्छता के महत्व को विशेष रूप से दर्शाता है। जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और स्वच्छता अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया जा रहा है। सतत पर्यटन को बढ़ावा देकर स्थानीय रोजगार सृजन, वनीकरण, भूस्खलन रोकथाम और आपदा प्रबंधन योजनाओं को लागू किया जा रहा है। भूकंप और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जनपद में एसडीजी स्थानीय विकास की आधारशिला बन रहे हैं। सामुदायिक सहभागिता, पर्यावरण संरक्षण और समावेशी विकास के माध्यम से यह जनपद सतत विकास की दिशा में निरंतर अग्रसर है।

पीएम गतिशक्ति (नेशनल मास्टर प्लान) का शुभारंभ अक्टूबर 2021 में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इसका उद्देश्य अवसंरचना परियोजनाओं की समेकित, समन्वित एवं डेटा-आधारित योजना सुनिश्चित करना है।

वर्ष 2025 से जनपद में योजना संचालित है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक विकासखंड स्तर पर जीआईएस इंटर्न की नियुक्ति की गई है। इन इंटर्न का मुख्य दायित्व संबंधित विभागों से भू-स्थानिक (जीआईएस) डेटा का संकलन, समन्वय एवं प्रारंभिक सत्यापन करना होगा, ताकि जिला स्तर पर समेकित एवं प्रमाणित डेटा उपलब्ध कराया जा सके। शैलेन्द्र सिंह ने एसडीजी, डेटा इकोसिस्टम एवं मॉनिटरिंग तथा उत्तराखण्ड विजन 2047 के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया और विस्तृत चर्चा की गई। ऐश्वर्य सिंह ने पीएम गतिशक्ति पर प्रस्तुतीकरण दिया तथा बताया कि यह योजना केंद्र सरकार के राष्ट्रीय मास्टर प्लान के अनुरूप है। इस पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों की परियोजनाओं को एक डिजिटल नेशनल मास्टर प्लान पोर्टल पर लाकर उनके बीच समन्वय किया जाता है। इसका उद्देश्य राज्य में मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देना एवं समय पर परियोजनाओं को पूरा करना है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप कार्य करते हुए जनपद को विकास के मानकों पर अग्रणी बनाया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कार्यशाला में जिला अर्थसंख्याधिकारी अतुल आनंद, एपीडी रमेश चन्द्र, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एचसी बिष्ट सहित अन्य जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |