सोनभद्र पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र में 10 लाख रुपये की टप्पेबाजी करने वाले अंतरराज्यीय टप्पेबाज गैंग का पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पर्दाफाश कर दिया है। मुठभेड़ में गैंग के दो शातिर बदमाश गोली लगने से घायल हो गए, जबकि एक अन्य अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से अवैध तमंचे, कारतूस और टप्पेबाजी से जुड़ी नकदी बरामद की है। पुलिस ने चोरी की गई रकम में से 8 लाख 55 हजार रुपये से अधिक की राशि विभिन्न बैंक खातों में होल्ड कराकर गैंग की कमर तोड़ दी है। 26 दिसंबर 2025 को रॉबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बैंक ऑफ बड़ौदा की मुख्य शाखा से 10 लाख रुपये नकद निकालकर जा रहे सीएसडी इंफ्रा कंपनी के कैशियर प्रकाश द्विवेदी और चालक रविकांत को शातिर बदमाशों ने निशाना बना लिया। बदमाशों ने बैंक परिसर में ही वाहन का टायर पंचर कर दिया। कुछ दूरी पर रामलीला मैदान गेट के पास वाहन का चक्का पूरी तरह बैठ गया, तो चालक टायर बदलने में लग गया। इसी दौरान बदमाशों ने कैशियर को बातों में उलझाकर रुपये से भरा बैग लेकर फरार हो गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में एसओजी और रॉबर्ट्सगंज पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। लगातार सर्विलांस और मुखबिर तंत्र के आधार पर 2 जनवरी 2026 की रात पुलिस को सूचना मिली कि टप्पेबाजी में शामिल अभियुक्त चुर्क रेलवे स्टेशन के पास डेरा डाले हुए हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। खुद को घिरता देख अभियुक्तों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गैंग लीडर सुब्रमन्यम और उसका साथी बालामुर्गन पैर में गोली लगने से घायल हो गए, जबकि तीसरे अभियुक्त रामू नायकर उर्फ रामू नायडू को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से दो अवैध देशी तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस और टप्पेबाजी की गई रकम में से 1 लाख 35 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। घायल अभियुक्तों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रॉबर्ट्सगंज में भर्ती कराया गया है। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे एक संगठित अंतरराज्यीय टप्पेबाज गैंग के सदस्य हैं और वारदात को अंजाम देने के लिए महिलाओं और नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल करते थे, ताकि किसी को शक न हो। अभियुक्तों ने यह भी बताया कि चोरी की गई अधिकांश रकम उन्होंने अपने और परिजनों के एसबीआई और आईसीआईसीआई बैंक खातों में जमा कर दी थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एसबीआई बैंक में 8 लाख 15 हजार 610 रुपये और आईसीआईसीआई बैंक में 40 हजार 150 रुपये, कुल 8 लाख 55 हजार रुपये से अधिक की राशि होल्ड कराई है। अभियुक्तों ने रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र सहित फतेहपुर और अन्य जिलों में भी टप्पेबाजी की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। फिलहाल पुलिस ने सभी अभियुक्तों के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि गैंग से जुड़े अन्य नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।
