Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

भारत के इस राज्य में खोजी गई सांप की नई प्रजाति


पूर्वोत्तर भारत के राज्य मिजोरम में वैज्ञानिकों ने रीड सांप की एक नई प्रजाति की खोज की है। जानकारी के मुताबिक, इस खोज के माध्यम से काफी लंबे समय से चली आ रही टैक्सोनॉमिक गलत पहचान को सुधारा गया है। साथ ही भारत के सरीसृप जीवों में एक पहले से अज्ञात प्रजाति को जोड़ा गया है। बता दें कि खोज मिजोरम के वैज्ञानिकों की एक टीम और रूस, जर्मनी और वियतनाम के रिसर्चर्स ने साथ मिलकर की है। आइए जानते हैं कि इस सांप के बारे में अब तक क्या कुछ पता लगा है।

मिजोरम यूनिवर्सिटी के जूलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर और रिसर्च टीम के लीडर एचटी लालरेमसांगा ने जानकारी दी है कि वैज्ञानिकों द्वारा खोजे गए रीड सांप की नई प्रजाति का नाम 'कैलामरिया मिजोरमेंसिस' रखा गया है। सांप का ये नाम उस राज्य के नाम पर है जहां इसकी खोज की गयी थी। एचटी लालरेमसांगा ने बताया है कि इस खोज के नतीजों को सोमवार को इंटरनेशनल साइंटिफिक जर्नल ज़ूटैक्सा में पब्लिश किया गया है जो कि डिटेल्ड मॉर्फोलॉजिकल जांच और DNA एनालिसिस पर आधारित हैं।

प्रोफेसर लालरेमसांगा ने आगे जानकारी दी है कि अब तक रीड सांप की ये नई प्रजाति सिर्फ मिजोरम राज्य में ही कंफर्म की गई है। लेकिन पड़ोसी राज्यों में भी इसकी मौजूदगी से इनकार नहीं किया जा सकता है। स्टडी में जानकारी दी गई है कि ये मणिपुर, नागालैंड और असम जैसे पड़ोसी राज्यों में मौजूद हो सकता है। बांग्लादेश के चटगांव इलाके में इसके संभावित विस्तार के लिए भी और कन्फर्मेशन की आवश्यकता है।

प्रोफेसर एचटी लालरेमसांगा ने बताया है कि इस सांप के नमूने सबसे पहले साल 2008 में मिजोरम में एकत्र किए गए थे। हालांकि, पहले इन्हें दक्षिण-पूर्व एशिया में बड़े पैमाने पर पाई जाने वाली प्रजाति का हिस्सा माना जाता था। हालांकि, नई स्टडी से ये साबित हुआ है कि मिजोरम की आबादी एक अलग इवोल्यूशनरी वंश का नेतृत्व करती है जो इस राज्य के लिए यूनिक है। रिसर्च टीम ने आइजोल, रीएक, सिहफिर और सॉलेंग के साथ-साथ मामित और कोलासिब जिलों के कुछ हिस्सों के जंगली इलाकों से एक दशक से ज़्यादा समय में इकट्ठा किए गए नमूनों का एनालिसिस किया है। इसके बाद जेनेटिक तुलना की गई तो पता चला कि मिजोरम का रीड सांप अपने सबसे करीबी ज्ञात रिश्तेदारों से 15 प्रतिशत से ज़्यादा अलग है। इतना अंतर एक नई प्रजाति को पहचानने के लिए काफी माना जाता है

आपको बता दें कि 'कैलामरिया जीनस' में दुनिया भर में पहचानी गई 69 प्रजातियों को शामिल किया गया है। इनमें से ज्यादातर पहचानी छोटी, छिपकर रहने वाली और कम स्टडी की गईं प्रजातियां हैं। खास बात ये है कि मिजोरम में जो सांप की प्रजाति मिली है वह जहरीली नहीं है और ये इंसानों के लिए कोई खतरा नहीं है। ये सांप रात में निकलने वाला और जमीन के अंदर रहने वाला है। ये सांप नम, जंगली पहाड़ी इलाकों में रहता है और इसे समुद्र तल से 670 से 1,295 मीटर की ऊंचाई पर रिकॉर्ड किया गया है। रिसर्चर्स का मानना है कि इस खोज से पूर्वोत्तर भारत में, खासकर जंगली पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बायोलॉजिकल सर्वे की जरूरत को बल मिलता है। यहां कई प्रजातियों के बारे में अभी भी बहुत कम जानकारी है।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |