मस्क ने वेनेजुएला के लिए किया बड़ा ऐलान! पूरे देश में फ्री इंटरनेट सर्विस देगा स्टारलिंक
January 04, 2026
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिका ने शनिवार को एक हमले के बाद बंधक बना लिया। इसके बाद अमेरिकी सेना मादुरो को लेकर अमेरिका चली गई। वहीं अब इस पूरी घटना के बाद मशहूर अरबपति कारोबारी एलन मस्क ने रविवार को वेनेजुएला के लिए बड़ी घोषणा की है। एलन मस्क ने वेनेजुएला के लोगों के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने वेनेजुएला में तीन फरवरी तक फ्री इंटरनेट सर्विस प्रदान करने की घोषणा की है।
दरअसल, मस्क के स्वामित्व वाली स्टारलिंक ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "स्टारलिंक वेनेजुएला के लोगों को 3 फरवरी तक मुफ्त ब्रॉडबैंड सेवा प्रदान कर रहा है, जिससे निरंतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सकेगी।" वहीं एलन मस्क ने इस पोस्ट पर रिप्लाई करते हुए लिखा, "वेनेजुएला के लोगों के समर्थन में"।
बता दें कि स्टारलिंक के द्वारा यह घोषणा अमेरिका द्वारा निकोलस मादुरो को सत्ता से हटाए जाने के बाद की गई है। अमेरिकी अधिकारियों द्वारा मादुरो की गिरफ्तारी का वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें गिरफ्तार मादुरो को हथकड़ियों में दिखाया गया है। फुटेज में, हिरासत में ले जाते समय मादुरो को पत्रकारों और ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (डीईए) के एजेंटों को नव वर्ष की शुभकामनाएं और शुभ रात्रि कहते हुए देखा गया।
बता दें कि मादुरो को बंधक बनाए जाने के बाद वेनेजुएला में नया अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त कर दिया गया है। वेनेजुएला की सुप्रीम कोर्ट ने ये फैसला लिया है। डेल्सी रोड्रिग्ज को वेनेजुएला का नया अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त किया गया है। बता दें कि डेल्सी रोड्रिग्ज अभी तक वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति के रूप में सेवाएं दे रही थीं, जिन्हें अब वेनेजुएला के नए राष्ट्रपति के रूप में नियुक्त किया गया है।
वहीं न्यूयॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी ने भी इस घटना के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की है। ममदानी ने निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के खिलाफ अमेरिकी सेना द्वारा की गई गिरफ्तारी पर कड़ा विरोध जताया है। ममदानी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप को फोन किया और इस कार्रवाई के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है। ममदानी ने कहा कि उन्होंने इसे एक संप्रभु राष्ट्र पर एकतरफा हमला और एक्ट ऑफ वॉर बताया है। ममदानी ने कहा, "मैंने अपना विरोध दर्ज कराया। मैंने अपनी बात साफ-साफ कही और बात वहीं खत्म हो गई।" उन्होंने ट्रंप के जवाब के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की।
