लखनऊ। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को नगर निगम द्वारा गृह कर वसूली को लेकर शहर के विभिन्न जोनों में सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इस क्रम में गृह कर जमा न करने वाले भवन स्वामियों के विरुद्ध सीलिंग और कुर्की की प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। शुक्रवार, 09 जनवरी को जोन-1 और जोन-8 में चलाए गए अभियानों में नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई भवनों को सील किया और मौके पर ही लाखों रुपये की वसूली भी की।
जोन-1 के अंतर्गत जे.सी. बोस वार्ड क्षेत्र में गृह कर बकाया न जमा करने पर भवन संख्या 47ध्057, विधानसभा मार्ग पर स्थित एक व्यावसायिक भवन को सील किया गया। यह भवन अतुल चरण व अन्य के नाम दर्ज है, जिसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाएं संचालित हैं। इस भवन पर कुल बकाया गृह कर की राशि 16,27,147 रुपये थी। सीलिंग की कार्रवाई के पश्चात भवन स्वामी द्वारा तत्काल 4,00,000 रुपये नगर निगम में जमा किए गए, साथ ही 4,00,000 रुपये का अग्रिम तिथि का चेक भी निगम को प्रदान किया गया।
इसी जोन 1 में एक अन्य कार्रवाई के तहत फरीदा इकबाल के नाम दर्ज भवन संख्या 118ध्088-वी, कैंट रोड को भी गृह कर बकाया 4,29,695 रुपये का भुगतान न किए जाने के कारण सील किया गया। इस वसूली अभियान में जोनल अधिकारी अनुराग उपाध्याय, कर अधीक्षक संजय सिंह, राजस्व निरीक्षक ओम प्रकाश सिंह सहित कर विभाग की टीम मौजूद रही।
वहीं दूसरी ओर, जोन-8 में गृह कर बकायेदारों के खिलाफ कुर्की एवं सीलिंग का व्यापक अभियान चलाया गया। जोनल अधिकारी जोन-8 के नेतृत्व में वार्ड राजा बिजली पासी प्रथम क्षेत्र में कुल पांच भवनों एवं प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। इनमें भवन संख्या ळ-123 (फेज-प्प्प्), ब्-66, ब्-003ठ, म्-93 (फेज-1) और थ्-227 शामिल हैं। इन सभी भवनों पर कुल बकाया गृह कर की राशि लगभग 58 लाख रुपये से अधिक थी।
कुर्की की कार्रवाई के दौरान मौके पर ही दो भवनों से कुल 8,40,562 रुपये की वसूली नगर निगम कोष में कराई गई। यह भुगतान भवन संख्या ळ-123 (फेज-प्प्प्) से 3,40,533 रुपये तथा भवन संख्या ब्-66 से 5,00,029 रुपये के रूप में प्राप्त हुआ।
यह पूरी कार्रवाई जोनल अधिकारी जोन-8 विकास सिंह के निर्देशन में कर निर्धारण अधिकारी दिव्यांशु पाण्डेय, कर अधीक्षक राम अचल, राजस्व निरीक्षक अनुज गौड़, नगर निगम 296 टीम एवं अन्य स्टाफ की उपस्थिति में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
नगर निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि गृह कर नगर निगम की प्रमुख आय का स्रोत है और इसके माध्यम से ही शहर की सफाई, सड़क, प्रकाश एवं अन्य नागरिक सुविधाओं का संचालन किया जाता है। इसलिए बकाया गृह कर जमा न करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
