बड़ा फैसला! दिल्ली के सभी इलाकों में बदली जाएगी पानी की पूरी पाइप लाइन
January 10, 2026
देश के कुछ राज्यों में गंदे पानी पीने से बीमार लोगों से सबक लेते हुए सरकार ने पूरी दिल्ली में पानी की पाइप लाइन को बदलने का फैसला किया है। सरकार ने कहा है कि 50 हज़ार करोड़ की लागत से पूरी दिल्ली में पानी की पाइप लाइन बदली जाएगी। दिल्ली में पीने के पानी का 16000 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन है। दिल्ली की 95% पाइप लाइन को चेंज करने की जरूरत है। 10 वर्षों में पूरी पाइप लाइन बदले का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
चंद्रावल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के इलाकों में काम भी शुरू हो गया है। 9 विधानसभाओं में पाइप लाइन बदलने का काम शुरू कर दिया गया है। डेढ़ साल में काम पूरा करने वालों को पाइप लाइन बदलने का टेंडर अवार्ड कर दिया जाएगा। रेखा गुप्ता सरकार के वर्तमान कार्यकाल में 30% पाइप लाइन बदलने का लक्ष्य रखा गया है।
जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया किदिल्ली में पानी की समस्या कितनी बड़ी है, इसका अंदाजा इसी से भी लगाया जा सकता है कि जर्जर ढांचा और टूटी पाइपलाइन की वजह से 55% तक जल बोर्ड का पानी बर्बाद हो जाता है। दिल्ली की कुल 16000 KM लंबी पाइप लाइन में से 5,200 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन 30 साल से ज्यादा पुरानी हैं। जबकि 2,700 किलोमीटर पाइपलाइन 20–30 साल पुरानी हैं। इसी का नतीजा है कि कि जगह-जगह रिसाव, पाइप फटना, दूषित पानी और 55% तक नॉन-रेवेन्यू वाटर (NRW) की हानि हो रही है।
दिल्ली की पाइप लाइन बदलने की शुरुआत चंद्रावल और वजीराबाद प्रोजेक्ट से हो रही है। जलमंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि 2011 से प्रस्तावित चंद्रावल और वजीराबाद जल सुधार परियोजनाएं पिछली सरकार की अनिर्णयता, बार-बार टेंडर रद्द करने और फंडिंग एजेंसियों से टकराव के कारण वर्षों तक लटकी रहीं। जल मंत्री ने बताया कि वर्तमान सरकार ने 11 महीनों में जल क्षेत्र में निर्णायक कदम उठाए हैं। जिसका फायदा दिल्ली की जनता को जल्द मिलने लगेगी। उन्होंने कहा कि बीजेपी की 11 महीने की सरकार में पानी की समस्या को ठीक करने के लिए ₹7,212 करोड़ के 94 बड़े प्रोजेक्ट मंज़ूर किए गए हैं।
