तीखा बयान! मुस्लिम नाम आते ही विरोध आसान हो जाता है-साजिद रशीदी
January 02, 2026
शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की ओर से ऑक्शन में खरीदे गए बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. एक ओर कुछ हिंदुवादी नेता और कथावाचक अभिनेता शाहरुख खान को निशाने पर ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के बयान ने इस बहस को और तीखा कर दिया है. विरोध पर आपत्ति जताते हुए साजिद रशीदी ने यहां तक कह दिया कि 'अगर मुसलमान बर्दाश्त न करें तो एक मिनट में देश में दंगे हो सकते हैं.'
मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्ताफिजुर रहमान और उन्हें खरीदने वाले शाहरुख खान-दोनों मुसलमान हैं, इसलिए इस फैसले का विरोध किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह विरोध मुसलमानों के खिलाफ नफरत और इस्लामोफोबिया का नतीजा है.
रशीदी ने कहा, 'देश में बिना सोचे-समझे, बिना संविधान का ज्ञान लिए विरोध करना आदत बन गई है. जहां मुस्लिम नाम आ जाता है, वहां विरोध बहुत आसान हो जाता है. शाहरुख खान मुस्लिम हैं, खिलाड़ी मुस्लिम है-तो विरोध होना ही है. मुसलमानों के खिलाफ जो नफरत है, वह उभरकर सामने आ जाती है.'
इमाम संगठन के प्रमुख ने विरोध कर रहे नेताओं और कथावाचकों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग मुसलमानों के खिलाफ बयान देते हैं, वही आज शाहरुख खान की टीम के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे लोग धर्म के नाम पर नफरत फैलाते हैं.
साजिद रशीदी ने सवाल उठाया, 'यह क्रिकेट टीम शाहरुख खान की है. वह किसे खिलाएं, किसे न खिलाएं-इससे आपको क्या? अगर संविधान के खिलाफ कुछ होगा तो सरकार देखेगी. आप कौन हैं, आपकी क्या हैसियत है जो विरोध कर रहे हैं?'
उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग खुद बीफ एक्सपोर्ट से जुड़े हैं, वही आज दूसरों को मर्यादा और धर्म का पाठ पढ़ा रहे हैं. रशीदी ने कहा कि ऐसे धर्मगुरुओं से मुसलमानों को कोई सीख नहीं चाहिए. रशीदी ने आगे कहा, 'ये वही लोग हैं जो नफरत फैलाकर देश को तोड़ना चाहते हैं, गृहयुद्ध कराना चाहते हैं. अगर मुसलमान बर्दाश्त न करें तो एक मिनट में देश में दंगा हो सकता है. यह मुसलमानों की समझदारी है कि वह धैर्य से काम ले रहे हैं.
