न्यूट्रिशनिस्ट ने बताया हेल्दी और फिट रहने के लिए आज से ही बदल दें ये आदतें
January 02, 2026
अगर आप इस नए साल अपने आप को फिट, हेल्दी और एक्टिव रखना चाहते हैं तो कुछ आदतों में बदलाव करें। न्यूट्रिशनिस्ट दीपशिखा जैन ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया है कि कैसे आप छोटे छोटे लक्ष्य रखकर, अपनी जीवनशैली में कुछ आदतों को अपनाकर और कुछ को बदलकर एक सेहतमंद शरीर पा सकते हैं। चलिए जानते हैं वे आदतें कौन सी हैं?
इन आदतों को अपनी जीवनशैली में करें शामिल:
फ्रिज को हेल्दी खाने से भरें: दीपिका कहती हैं कि इस साल अपने आप को हेल्दी रखने के लिए फ्रिज को साफ करें, सारा जंक फूड हटा दें और उसे ज़्यादा फलों, सब्जियों और साबुत फलों से भर दें।
प्रोटीन से भरपूर डाइट होनी चाहिए: प्रोटीन से भरपूर डाइट शरीर के लिए बहुत ज़रूरी है क्योंकि यह मांसपेशियों को मज़बूत बनाने, भूख को नियंत्रित करने, और शरीर के कई ज़रूरी कार्यों जैसे हार्मोन और एंजाइम बनाने में मदद करता है, जिससे समग्र स्वास्थ्य और वज़न प्रबंधन में सुधार होता है।
रोजाना दस मिनट दौड़ें: 2021 में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, केवल 10 मिनट की मध्यम-तीव्रता वाली दौड़ भी दिमाग के मूड-रेगुलेट करने वाले हिस्सों को सक्रिय करती है, जिससे मूड बेहतर होता है और कार्यकारी कार्य में सुधार होता है, क्योंकि यह प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स में रक्त प्रवाह और गतिविधि को बढ़ाती है।
प्री और प्रोबायोटिक्स डाइट में करें शामिल: गट हेल्थ के लिए डाइट में प्रोबायोटिक्स दही, छाछ, इडली और प्रीबायोटिक्स फाइबर युक्त सब्जियां, फल, साबुत अनाज दोनों को शामिल करना ज़रूरी है, क्योंकि प्रोबायोटिक्स अच्छे बैक्टीरिया होते हैं और प्रीबायोटिक्स उन्हें पोषण देकर पनपने में मदद करते हैं, जिससे पाचन और इम्यूनिटी बेहतर होती है।
रोजाना 10,000 कदम चलें: एक्टिव रहना सबसे ज़रूरी है, इसीलिए न्यूट्रिशनिस्ट ने कई बीमारियों के जोखिम को कम करने के लिए दिन में कम से कम 10,000 कदम चलने की सलाह दी। रोजाना दस हज़ार कदम चलने से ब्लड सर्कुलेशन, ब्लड प्रेशर और डाइजेशन बेहतर होता है साथ ही एनर्जी लेवल बढ़त है और इम्यूनिटी भी बूस्ट होती है।
जल्दी सोएं: जल्दी सोना, तनाव और शरीर में बढ़े हुए कोर्टिसोल को कम करने का एक प्रभावी तरीका है। नींद की कमी कोर्टिसोल को बढ़ाती है और यह सूजन व कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनता है; इसलिए, एक नियमित और आरामदायक नींद का रूटीन बनाकर,तनाव घटाकर कोर्टिसोल को संतुलित किया जा सकता है और स्वास्थ्य को सुधारा जा सकता है।
