फिल्म 'द राजा साब' विवादः स्वीडिश डीजे विडोजेन ने थमन पर लगाया धुन चुराने का आरोप
January 10, 2026
प्रभास की बहुप्रतिक्षित फिल्म 'द राजा साब' अपनी रिलीज से पहले ही एक बड़े विवाद के केंद्र में आ गई है. फिल्म के हालिया रिलीज गाने 'नाचे नाचे' को लेकर स्वीडिश डीजे और म्यूजिक प्रोड्यूसर विडोजेन (Vidogen) ने संगीत चोरी का गंभीर आरोप लगाया है. यह विवाद तब और बढ़ गया जब विदेशी कलाकार ने सीधे तौर पर सोशल मीडिया के जरिए चप्पल दिखाते हुए अपनी नाराज़गी जाहिर की.
स्वीडन के मशहूर डीजे विडोजेन ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर एक पोस्ट साझा करते हुए सवाल किया कि क्या 2024 में रिलीज हुआ उनका ट्रैक 'अलामेयो' (Alameyo) कॉपी किया गया है. उन्होंने 'नाचे नाचे' की धुन और बीट्स की तुलना अपने गाने से करते हुए इसे 'सीधा लिफ्ट' करार दिया. विडोजेन ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में साल 2024-25 में भी इस तरह की नकल हो रही है?
हालांकि, इस विवाद के बीच विडोजेन ने सुपरस्टार प्रभास का बचाव भी किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चोरी में प्रभास की कोई भूमिका नहीं है और उन्हें एक 'शानदार अभिनेता' बताया. उनका निशाना सीधे तौर पर फिल्म के म्यूजिक कंपोजर थमन.एस पर था.
यह पहली बार नहीं है जब संगीतकार थमन एस पर धुन चुराने के आरोप लगे हैं. इससे पहले भी उनके कई गानों को लेकर सोशल मीडिया पर 'कॉपी-पेस्ट' के दावे किए जाते रहे हैं. 'नाचे नाचे' के मामले में नेटिजन्स का कहना है कि गाने की मुख्य धुन और इलेक्ट्रॉनिक बीट्स विडोजेन और ओलिवर लोन के ट्रैक से हूबहू मिलती हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' और रेडिट पर संगीत प्रेमियों ने दोनों गानों के क्लिप्स साझा कर थमन को आड़े हाथों लिया है. आलोचकों का मानना है कि 'पैन-इंडिया' स्तर की बड़ी फिल्मों में इस तरह की संगीत चोरी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय सिनेमा की छवि को प्रभावित करती है.
'द राजा साब' एक हॉरर-फैंटेसी फिल्म है, जिसका निर्देशन मारुति कर रहे हैं. प्रभास के प्रशंसक जहां एक तरफ अपने पसंदीदा स्टार के सपोर्ट में खड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ वे थमन की कार्यशैली से नाराज नजर आ रहे हैं. 'नाचे नाचे' गाना मूल रूप से बॉलीवुड क्लासिक 'डिस्को डांसर' के गाने का एक रीमेक वर्जन बताया गया था, लेकिन इसमें विदेशी बीट्स का इस्तेमाल अब कानूनी पचड़े में फंस सकता है.
विडोजेन के इन आरोपों पर फिलहाल थमन एस या फिल्म निर्माण संस्था 'पीपुल मीडिया फैक्ट्री' की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं आया है. देखना होगा कि क्या यह विवाद कानूनी मोड़ लेता है या इसे 'सैम्पलिंग' का नाम देकर रफा-दफा कर दिया जाएगा.
