लखनऊ । वर्टिकल से पहले उपभोक्ता को दिए जाने वाले नए संयोजन पर क्षेत्रीय अवर अभियंता के द्वारा परिसर पर मीटर स्थापित किया जाता था विशेष बात यह है कि यह कार्य अवर अभियंता के किसी विशेष विश्वनीय व्यक्ति को आवंटित होता था।
परिसर पर नए संयोजन का मीटर प्रतिस्थापित करते समय जेई के कृपा पात्र विशेष श्रेणी के कार्मिक उपभोक्ता को विद्युत बिल बचत का नया खेल समझा कर मीटर को शॉर्ट करने के उपरांत डायरेक्ट कर देते है जिससे उपभोक्ता बिना रिचार्ज कराए आराम से बिजली चोरी कई सालों से करता आ रहा है अवध विहार के कई क्षेत्रों में चल रहा है इसी प्रकार बिजली चोरी का खेलवर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद नए कार्मिकों की नजर में यह खेल आया सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जेई आलमबाग 11 के वी रामचंद्र द्वारा चोरी पकड़ने के उपरांत मामले को रफा दफा कर नया मीटर स्थापित करा दिया गया उल्लेखनीय है वर्ष 2022 में परिसर पर स्थापित मीटर जुलाई 2025 में मात्र एक बार रिचार्ज कराया गया आखिर 3 वर्षों तक कैसे चलता रहा यह खेल।
वर्तमान में अधिशासी अभियंता रेड एवं असेसमेंट का कार्य देख रहे हैं ए के शुक्ला द्वारा इस प्रकार के मामलों को नजरअंदाज कर दिया जाता है जिससे राजस्व की हानि हो रही है।
वर्टिकल व्यवस्था के तहत अमौसी जोन का अलग से मीटर सेक्शन बनाया गया है परंतु ऐसा प्रतीत होता है कार्य की अधिकता होने के कारण जिम्मेदार अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं आखिर जीनियस कंपनी का टेंपर्ड मीटर उतारने के बाद नया मीटर कैसे लग गया उपभोक्ता पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई संबंधित कार्मिकों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई राजस्व की क्षति का जिम्मेदार कौन है उल्लेखनीय है वर्तमान में मीटर लगाने वाली कंपनियों को अकूत अधिकार दिए गए हैं अधिकारियों की मौन स्वीकृत पर वह किसी भी प्रकार के वैधानिक मीटर को उतार वैधानिक बना देते हैं।
.jpg)