उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक समाज की आखरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आँखों में रोशनी और चेहरे पर संतोष नहीं आएगा, तब तक उनकी सेवा अनवरत जारी रहेगी। जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति और ईश्वर का आशीर्वाद है। उन्होंने दो टूक कहा कि जनसेवा उनके लिए राजनीति नहीं, बल्कि जीवन का धर्म है। यदि व्यवस्था किसी बुजुर्ग की आँखों का अँधेरा दूर नहीं कर पाती, तो ऐसी व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं। उन्होंने संकल्प लिया कि कोई भी गरीब, बुजुर्ग या असहाय व्यक्ति केवल आर्थिक कारणों से इलाज से वंचित नहीं रहेगाकृयह उनका दृढ़ वचन है। शिविर में 240 से अधिक लोगों की नेत्र जाँच की गई तथा शुगर जाँच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। जाँच उपरांत 17 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु अमेठी आई हॉस्पिटल रेफर किया गया। ऑपरेशन के बाद दृष्टि लौटने की बात सुनकर कई बुजुर्गों की आँखों से आँसू छलक पड़ेकृये आँसू दर्द के नहीं, बल्कि उम्मीद और राहत के थे। इसके अतिरिक्त 12 परिवारों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए, जो उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। समापन अवसर पर चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों को डाबर कंपनी द्वारा प्रदत्त टूथपेस्ट एवं जूस का वितरण भी किया गया।
अमेठीः सैकड़ों जरूरतमंदों के लिए उम्मीद बनी सती महारानी जन कल्याण ट्रस्ट
January 12, 2026
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक समाज की आखरी पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आँखों में रोशनी और चेहरे पर संतोष नहीं आएगा, तब तक उनकी सेवा अनवरत जारी रहेगी। जनता का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति और ईश्वर का आशीर्वाद है। उन्होंने दो टूक कहा कि जनसेवा उनके लिए राजनीति नहीं, बल्कि जीवन का धर्म है। यदि व्यवस्था किसी बुजुर्ग की आँखों का अँधेरा दूर नहीं कर पाती, तो ऐसी व्यवस्था का कोई औचित्य नहीं। उन्होंने संकल्प लिया कि कोई भी गरीब, बुजुर्ग या असहाय व्यक्ति केवल आर्थिक कारणों से इलाज से वंचित नहीं रहेगाकृयह उनका दृढ़ वचन है। शिविर में 240 से अधिक लोगों की नेत्र जाँच की गई तथा शुगर जाँच की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। जाँच उपरांत 17 मरीजों को मोतियाबिंद ऑपरेशन हेतु अमेठी आई हॉस्पिटल रेफर किया गया। ऑपरेशन के बाद दृष्टि लौटने की बात सुनकर कई बुजुर्गों की आँखों से आँसू छलक पड़ेकृये आँसू दर्द के नहीं, बल्कि उम्मीद और राहत के थे। इसके अतिरिक्त 12 परिवारों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए गए, जो उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं। समापन अवसर पर चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। साथ ही बच्चों, महिलाओं एवं बुजुर्गों को डाबर कंपनी द्वारा प्रदत्त टूथपेस्ट एवं जूस का वितरण भी किया गया।

