माघ मेला का भव्य शुभारंभ: प्रथम स्नान पर्व पर 31 लाख से ज्यादा लोगों ने किया पुण्य स्नान
January 04, 2026
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शनिवार (3 जनवरी) को माघ मेला-2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। पहले दिन शाम सात बजे तक 31 लाख से ज्यादा लोगों ने संगम में पवित्र डुबकी लगाई। पहले दिन कुल 35 लाख से ज्यादा लोगों के डुबकी लगाने का अनुमान है। ठंड हवाओं और गलन के बाद भी श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं नजर आई। पौष पूर्णिमा के अवसर पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पवित्र संगम व विभिन्न घाटों पर दिन भर स्नान का क्रम चला। हरियाणा की रेवाड़ी से आई निशा ने कहा कि सरकार ने मेला क्षेत्र में आने-जाने से लेकर घाटों में स्नान की उत्तम व्यवस्था की है।
मध्य प्रदेश के सीहोर से त्रिवेणी स्नान के लिए आई कल्पना तोमर का कहना था कि महाकुंभ में त्रिवेणी स्नान की जो कामना अधूरी रह गई थी, इस बार पूर्ण हो गई। मेला क्षेत्र में स्वच्छता और व्यवस्था सराहनीय है। सनातन आस्था से जुड़े विभिन्न संत सम्प्रदाय के संत महात्माओं ने भी त्रिवेणी के पावन जल में माघ मेला की पहली डुबकी लगाई।
प्रयागराज कमिश्नर सौम्या का कहना है कि शाम सात बजे तक 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में पुण्य स्नान कर लिया था। यह सिलसिला जारी है। स्नान के मुहूर्त के समापन तक यह आंकड़ा 35 लाख तक पार कर जाने का अनुमान है। माघ मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर व्यापक और मजबूत सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। मेला पुलिस अधीक्षक नीरज पांडेय ने बताया कि शहर और मेला क्षेत्र में 1500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चौबीसों घंटे केंद्रीय कमांड सेंटर से निगरानी की जा रही है। वहीं आधुनिक उपकरणों से लैस सुरक्षाकर्मी प्रभावी भीड़ प्रबंधन में जुटे हैं। घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम, वॉच टावर और जल पुलिस की सक्रिय पेट्रोलिंग से श्रद्धालुओं को सुचारु और सुव्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
हर साल माघ के महीने मोक्ष दायिनी मां गंगा के तट पर शुरू होने वाली धार्मिक परम्परा कल्पवास का भी इसी प्रथम स्नान पर्व के साथ आरंभ हो गया। मेला क्षेत्र में पहली बार कल्पवासियों के लिए बनाया गया प्रयागवाल नगर भी इसी के साथ जीवंत हो उठा। पौष पूर्णिमा से माघी पूर्णिमा तक चलने वाले कल्पवास का पहला स्नान आज था। मेला क्षेत्र में कल्पवास करने आए 4 लाख से ज्यादा कल्पवासियों ने गंगा स्नान कर आज से कल्पवास का संकल्प लिया।
