तेज बुखार के बाद दिव्यांग हो रहे बच्चे, 15-20 गांवों में दर्जनों बच्चों को परेशानी
January 28, 2026
उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में कई बच्चे बुखार आने के बाद विकलांग हो गए हैं। यह हैरान करने वाला मामला गाजीपुर के मनिहारी, सदर और देवकली ब्लॉक के कई गांवों में सामने आया है। यहां दर्जनों बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग हो गए हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि ये बच्चे जन्म के समय पूरी तरह स्वस्थ थे, लेकिन कुछ महीनों बाद तेज बुखार के बाद दिव्यांग हो गए। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है। डीएम ने मामले में जांच और इलाज के लिए सीएमओ को आदेश दिया है। मामले में डीएम अविनाश कुमार ने प्राथमिक जांच में वायरल फीवर और प्रेग्नेंसी कॉम्प्लिकेशन की आशंका जताई है।
गाजीपुर जिले के मनिहारी, सदर और देवकली ब्लॉक के करीब 15 से 20 गांवों में बच्चों के दिव्यांग होने का मामला सामने आया है। इन गांवों में दर्जनों बच्चे मानसिक और शारीरिक रूप से अक्षम पाए गए हैं। परिजनों के अनुसार, बच्चे जन्म के समय पूरी तरह स्वस्थ होते हैं, लेकिन चार से छह महीने की उम्र में अचानक तेज बुखार आता है। बुखार ठीक होने के बाद बच्चे न तो ठीक से बोल पाते हैं और न ही चल-फिर पाते हैं।
फतेहुल्लापुर, हरिहरपुर, पठानपुर, हाला, शिकारपुर, धरी कला, अगस्ता, भोरहा, भिक्केपुर, तारडीह, गोला और रठूली समेत कई गांवों में हर गांव में लगभग 8 से 10 बच्चे इस गंभीर समस्या से पीड़ित हैं। इलाज के अभाव और आर्थिक तंगी के कारण परिजन बेहद परेशान हैं। हालात ऐसे हैं कि कुछ परिवारों को मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों को रस्सी और जंजीरों से बांधकर रखने को मजबूर होना पड़ रहा है। एक दंपति ने बताया कि उनका बच्चा पैदा होते समय बिल्कुल ठीक था। चार महीने बाद बुखार आया, उसके बाद से बच्चा कुछ समझ नहीं पा रहा। इलाज कराने के लिए पैसे नहीं हैं, बहुत परेशानी है। वहीं, बच्चों की इस पीड़ा को देखते हुए जिले के सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धार्थ राय ने पूरे मामले को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल तक पहुंचाया। राज्यपाल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
