कोल्ड वेव का अलर्ट! दिल्ली और उत्तर प्रदेश में घना कोहरा, आगरा में जीरो विजिबिलिटी
December 15, 2025
सोमवार सुबह दिल्ली एनसीआर में घना कोहरा देखने को मिला। उत्तर प्रदेश और उत्तर पूर्वी राज्यों में भी कोहरे के कारण विजिबिलिटी बेहद कम रही। आगरा और प्रयागराज में जीरो विजिबिलिटी के चलते लोगों को खासी परेशानी हुई। सड़कों पर गाड़ियां रेंगती हुई नजर आईं। रविवार और शनिवार को कोहरे के कारण यूपी और हरियाणा में कई जगहों पर हादसे हुए थे। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से सुबह के समय बेहद सावधान रहने और धीमी गति में गाड़ी चलाने की अपील की है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी यूपी, उत्तर पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है। वहीं, जम्मू कश्मीर और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो चुकी। आने वाले दिनों में इसमें इजाफा हो सकता है। आईएमडी ने कर्नाटक और तेलंगाना में शीत लहर का अलर्ट जारी किया है।
तेलंगाना और अंदरूनी कर्नाटक में कुछ जगहों पर 15 और 16 तारीख को कोल्ड वेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है, जबकि 15 दिसंबर को उत्तरी अंदरूनी कर्नाटक में बहुत ज्यादा कोल्ड वेव की स्थिति बनी रहने की संभावना है। ठंडी हवाएं सेहत के लिए खतरा पैदा करती हैं। इसलिए गर्म कपड़े पहनने, घरों को गर्म रखने, गर्म पानी पीने की सलाह दी गई है। किसानो के लिए फसलों और जानवरों को पाले से बचाना जरूरी है।
सुबह के समय उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 15 एवं 16 दिसंबर को घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की बहुत संभावना है तथा 15 दिसंबर को उत्तर प्रदेश में अत्यंत घना कोहरा रहने की संभावना है। सुबह के समय उत्तर-पूर्वी भारत में 15-19 दिसंबर, हिमाचल प्रदेश में 15-17 दिसंबर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ तथा उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश में 15 एवं 16 दिसंबर को अलग-अलग हिस्सों में घने कोहरे की स्थिति बनी रहने की बहुत संभावना है।
अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे गिरावट होने की संभावना है और उसके बाद अगले 4 दिनों में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। अगले 3 दिनों के दौरान गुजरात में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद अगले 4 दिनों में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। अगले 7 दिनों के दौरान भारत के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।
