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संपत्ति के लालच ने बना दिया हत्यारा! बेटी ने पति संग मिलकर मां को पत्थर से कुचला


तमिलनाडु के तिरुपत्तूर जिले के पुथुरनाडु पहाड़ी क्षेत्र के नदुकुप्पम गांव में रहने वाले सांबसिवम की दो साल पहले बीमारी के कारण मौत हो गई थी. उनके निधन के बाद उनकी पत्नी चिन्नकाली (45) अकेले घर में रहने लगी थीं. सांबसिवम की दो बेटियां थीं, जिनकी शादी हो चुकी थी और वे अपने-अपने परिवार के साथ अलग रह रही थीं.

सांबसिवम की छोटी बेटी गीता अपने पति चिदंबरम और दो बच्चों के साथ उसी गांव में रहती थी. कुछ समय बाद गीता अपने परिवार के साथ मां चिन्नकाली के घर में रहने लगी. बताया गया है कि चिन्नकाली के नाम करीब छह एकड़ पैतृक जमीन थी. पहले ही एक संपत्ति गीता के नाम पर लिखी जा चुकी थी, लेकिन गीता चाहती थी कि पूरी संपत्ति उसके नाम कर दी जाए.

पुलिस जांच में सामने आया है कि चिन्नकाली अपनी बची हुई संपत्ति बेटी के नाम नहीं करना चाहती थीं. कहा जा रहा है कि वह संपत्ति अपने एक करीबी व्यक्ति यानी प्रेमी के नाम लिखने की सोच रही थीं. यह बात जब गीता को पता चली तो उसने मां पर दबाव बनाना शुरू कर दिया. गीता ने कहा कि वह मां की देखभाल करेगी, इसलिए संपत्ति उसी के नाम की जानी चाहिए.

पिछले सप्ताह मां और बेटी के बीच इस बात को लेकर तीखा झगड़ा हुआ. चिन्नकाली ने साफ कह दिया कि जब तक वह जिंदा हैं, वह संपत्ति किसी के नाम नहीं करेंगी और यह उनका अंतिम फैसला है. मां की इस बात से गीता बेहद नाराज हो गई. पुलिस के अनुसार, इसी के बाद गीता और उसके पति चिदंबरम ने चिन्नकाली को रास्ते से हटाने की योजना बना ली.

दो दिन पहले गीता ने मां चिन्नकाली को यह कहकर घर से बाहर ले गई कि चलो जंगल की ओर तुम्हारे दामाद को ढूंढने चलते हैं. नदुकुप्पम क्षेत्र के पास जंगल में पहले से ही चिदंबरम छिपा हुआ था. वहां पहुंचते ही चिदंबरम ने संपत्ति को लेकर चिन्नकाली से बहस शुरू कर दी. बहस के दौरान हाथापाई हो गई.

पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान गीता ने मां का हाथ पकड़ लिया और चिदंबरम ने पास पड़े एक बड़े पत्थर से चिन्नकाली के सिर पर जोरदार वार कर दिया. गंभीर चोट लगने से चिन्नकाली बेहोश होकर गिर पड़ीं. इसके बाद पति-पत्नी वहीं रुके रहे, जब तक उनकी मौत नहीं हो गई.

हत्या के बाद दोनों ने इसे किसी और की करतूत दिखाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची. उन्होंने ऐसा माहौल बनाया, जिससे लगे कि चिन्नकाली की हत्या किसी प्रेमी ने यौन उत्पीड़न के बाद की है. शव के पास कपड़े, फूल और रुमाल फेंके गए. इसके बाद दोनों घर लौट आए और सामान्य व्यवहार करने लगे.

घटना वाले दिन चिदंबरम सुबह काम पर चला गया, जैसे उसे कुछ पता ही न हो. बाद में जब पड़ोसियों ने जंगल में महिला का शव देखा तो हड़कंप मच गया. गीता ने बिना ज्यादा रोए-धोए यह दिखाने की कोशिश की कि उसे कुछ भी मालूम नहीं है. वह लोगों से पूछती रही कि उसकी मां कहां है.

घटना की सूचना मिलते ही तिरुपत्तूर ग्रामीण पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. शुरुआती जांच में यौन उत्पीड़न के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले. इसके बाद पुलिस को शक हुआ और जांच का रुख बदला गया. डीएसपी के नेतृत्व में विशेष टीम ने गीता और चिदंबरम से अलग-अलग पूछताछ की.

पुलिस को चिदंबरम के शरीर पर खरोंच के निशान मिले, जिससे संदेह और गहरा गया. सख्ती से पूछताछ करने पर पति-पत्नी टूट गए और उन्होंने सच कबूल कर लिया. दोनों ने माना कि संपत्ति के लालच में उन्होंने चिन्नकाली की हत्या की थी. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल पत्थर को बरामद किया और अपराध की पुष्टि के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया. गीता को वेल्लोर महिला केंद्रीय जेल भेजा गया, जबकि चिदंबरम को पुरुष केंद्रीय जेल में बंद कर दिया गया है.

इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. लोग यह सोचकर हैरान हैं कि संपत्ति के लालच में कोई बेटी अपनी ही मां की इतनी बेरहमी से हत्या कर सकती है. पुलिस मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है.

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