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अजब प्रेम की गजब कहानी! प्यार में पागल बादल की पाकिस्तान में सजा पूरी


उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के बरला इलाके के एक छोटे से गांव खिटकारी से जुड़ी सरहद पार प्रेम की कहानी अब अपने आखिरी मोड़ पर पहुंच गई है. सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान की युवती से प्रेम में पड़े युवक बादल बाबू को पाकिस्तान में मिली सजा पूरी होने के बाद जेल से रिहा कर दिया गया है.

फिलहाल उसे वहां के डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां से आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भारत भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. इस पूरे मामले ने बीते एक साल से अधिक समय तक भारत और पाकिस्तान दोनों देशों में चर्चा बटोरी थी. वहीं मामला अब एकबार फिर चर्चा का विषय बन गया है.

अलीगढ़ के थाना बरला के गांव खिटकारी के रहने वाले कृपाल सिंह का बेटा बादल बाबू एक साधारण ग्रामीण युवक है. करीब डेढ़ साल पहले उसकी पहचान सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के जिला मंडी बहाउद्दीन की रहने वाली युवती सना रानी से हुई.

शुरुआती बातचीत दोस्ती तक सीमित रही, लेकिन धीरे-धीरे यह रिश्ता प्रेम में बदल गया. बताया जाता है कि दोनों के बीच बातचीत होने लगी. समय के साथ बादल इस रिश्ते को लेकर इतना गंभीर हो गया कि उसने बिना किसी वैध दस्तावेज के इंटरनेशनल बॉर्डर पार करते हुए पाकिस्तान की बॉर्डर में प्रवेश कर लिया.

सितंबर 2024 में बादल बाबू अचानक घर से निकल गया. परिजनों को इसकी जानकारी तब हुई जब काफी समय तक उसका कोई पता नहीं चला. बाद में पता चला कि वह अवैध तरीके से भारत-पाकिस्तान सीमा पार कर पाकिस्तान पहुंच गया है,और वहां शना के घर दो दिन तक रहा, शना के परिजनों ने बादल को घर से बाहर कर दिया.

घर से निकाले जाने के बाद बादल मंडी बहाउद्दीन इलाके में एक व्यक्ति के यहां बकरियां चराने लगा. उसकी भाषा, बोली और रहन-सहन को लेकर स्थानीय लोगों को उस पर शक हुआ. ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. 27 दिसंबर 2024 को स्थानीय थाना प्रभारी अंजुम शहजाद के नेतृत्व में पुलिस ने बादल को हिरासत में लिया. जांच के दौरान सामने आया कि वह बिना पासपोर्ट और वीजा के पाकिस्तान की सीमा में दाखिल हुआ है. इसके बाद उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई.

गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तानी सुरक्षा एजेंसियों ने भी बादल से पूछताछ की. भारत से आए युवक को लेकर वहां की एजेंसियां सतर्क रहीं. हालांकि जांच में किसी तरह की जासूसी या आपराधिक मंशा सामने नहीं आई, लेकिन अवैध प्रवेश के मामले में उस पर मुकदमा दर्ज किया गया. मामला अदालत तक पहुंचा, जहां सुनवाई के बाद पाकिस्तानी कोर्ट ने उसे एक साल की सजा सुनाई. यह सजा उसने वहां की जेल में पूरी की.

जेल के दौरान बादल बाबू ने दावा किया कि उसने इस्लाम धर्म अपना लिया है और सना रानी से निकाह कर उसके साथ जीवन बिताना चाहता है. इस बात की भी चर्चा रही कि उसने जेल में रहते हुए धर्म परिवर्तन किया. हालांकि, सना रानी ने इन दावों को स्वीकार नहीं किया. अदालत में दिए गए बयानों और मोबाइल-सोशल मीडिया चैट रिकॉर्ड के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि सना बादल को अपनाने के लिए तैयार नहीं है.

इसके बाद यह मामला एकतरफा प्रेम का रूप लेता चला गया. इधर भारत में बादल के पिता कृपाल सिंह बेटे की सलामती को लेकर लगातार परेशान रहे. इंटरनेट के जरिए उन्होंने पाकिस्तान के एक अधिवक्ता फियाज रामे से संपर्क किया. अधिवक्ता ने मामले की पैरवी करते हुए कानूनी सहायता प्रदान की.

हाल ही में अधिवक्ता ने कृपाल सिंह को जानकारी दी कि बादल बाबू की सजा पूरी हो चुकी है और उसे जेल से रिहा कर दिया गया है. फिलहाल उसे डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां भारत प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की जा रही है.

बेटे की रिहाई की खबर मिलने के बाद कृपाल सिंह ने भारत सरकार से भावुक अपील की है. उन्होंने कहा कि उनका बेटा नादानी में यह कदम उठा बैठा और अब उसे जल्द से जल्द भारत वापस लाया जाए. परिवार गांव में उसके लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है.

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