बांग्लादेश में हिंदुओं की लिंचिंग से बंगाल में उबाल, कोलकाता में डिप्टी हाई-कमीशन के बाहर मार्च
December 26, 2025
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हो रहे हमलों के विरोध में शुक्रवार को शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) को ‘हिंदू संहति’ संगठन के कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश के उप उच्चायोग कार्यालय तक रैली निकाली. रैली उत्तरी कोलकाता के सियालदह स्टेशन से शुरू हुई और शहर के बीच में स्थित बेकबागान में उप उच्चायोग के कार्यालय की ओर बढ़ी. इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सीमा पार अल्पसंख्यक हिंदुओं पर कथित अत्याचारों के खिलाफ नारेबाजी की.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे उस देश (बांग्लादेश) में हिंदुओं को सुरक्षा दिए जाने और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे हैं. प्रदर्शनकारियों को परिसर तक पहुंचने से रोकने के उद्देश्य से उप उच्चायोग कार्यालय के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा बैरिकेड्स लगाए गए.
पुलिस की ओर से गंतव्य से कुछ सौ मीटर पहले रोके जाने के बाद प्रदर्शनकारियों ने उप उच्चायोग कार्यालय के सामने एजेसी बोस रोड को जाम कर दिया और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया रैली का नेतृत्व कर रहे एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम किसी भी हाल में आज बांग्लादेश के उप उच्चायोग के कार्यालय तक पहुंचेंगे और अपना ज्ञापन सौंपेंगे.”
यह किसी हिंदू संगठन की ओर से 23 दिसंबर के बाद उप उच्चायोग कार्यालय तक मार्च करने का दूसरा प्रयास है. बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी कई हिंदू संगठनों के नेताओं के साथ उप उच्चायुक्त से मुलाकात करने वाले हैं.
पश्चिम बंगाल के होटल मालिकों के एक संगठन ने पड़ोसी बांग्लादेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के मद्देनजर सिलीगुड़ी और उसके आसपास के इलाकों में बांग्लादेशी नागरिकों को ठहरने की सुविधा देने पर अस्थायी रूप से रोक लगाने का फैसला किया है. 'ग्रेटर सिलीगुड़ी होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन' की ओर से हाल ही में जारी नोटिस के अनुसार, यह निर्णय उन घटनाओं से जुड़ा है, जिनसे भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव आया है, जिसमें भारतीय ध्वज के प्रति कथित अनादर और बांग्लादेशी नागरिकों के एक वर्ग द्वारा दिए गए भड़काऊ बयान शामिल हैं.
होटल संगठन ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य वर्तमान संवेदनशील माहौल में मेहमानों और होटल कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करना है. संगठन के एक पदाधिकारी ने बताया कि एसोसिएशन के सदस्य अगले आदेश तक बांग्लादेशी नागरिकों को होटल में ‘चेक-इन’ की अनुमति नहीं देंगे. उत्तर बंगाल में अंतरराष्ट्रीय सीमा और मुख्य भूमि भारत को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाले रणनीतिक रूप से संवेदनशील गलियारे के पास स्थित सिलीगुड़ी, पर्यटक, चिकित्सा और छात्र वीजा पर भारत आने वाले बांग्लादेशी आगंतुकों के लिए एक प्रमुख प्रवेश बिंदु रहा है.
