बाराबंकी । महिलाओं और बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का एक दिवसीय दौरा जिले के लिए उम्मीद और भरोसे का संदेश लेकर आया। उनके इस दौरे में प्रशासनिक औपचारिकता से आगे बढ़कर मानवीय संवेदना, त्वरित न्याय और पुनर्वास की भावना साफ तौर पर दिखाई दी।दौरे की शुरुआत जिला महिला चिकित्सालय के औचक निरीक्षण से हुई, जहां उन्होंने भर्ती महिलाओं से सीधे संवाद कर उनकी पीड़ा और जरूरतों को समझा। प्रसूता महिलाओं को कंबल वितरित करते हुए उन्होंने मातृत्व की गरिमा और सुरक्षा का संदेश दिया। कन्या सुमंगला योजना की जानकारी देकर उन्होंने बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों का सकारात्मक असर हुआ -एनआईसीयू में बेड की संख्या बढ़ी है और कंगारू मदर केयर जैसी संवेदनशील सुविधा शुरू की गई है, जिससे नवजात और माताओं को नई जिंदगी का सहारा मिल रहा ।इसके बाद जेल निरीक्षण के दौरान आयोग उपाध्यक्ष ने महिला बंदियों से संवाद कर उनके जीवन की सच्चाई को नजदीक से देखा। ठंड से बचाव के लिए जैकेट वितरण और कंबल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए । महिला बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों के लिए प्रोत्साहित किया । उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जेल में बंद महिलाएं भी सम्मान और अधिकारों की हकदार हैं। निःशुल्क विधिक सहायता, स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों के साथ रह रही महिलाओं की देखभाल को लेकर उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए।
किशोरी सम्प्रेक्षण गृह के निरीक्षण में भी आयोग की उपाध्यक्ष का मानवीय पक्ष सामने आया। किशोरियों से बातचीत कर उन्होंने उनके भविष्य की चिंता साझा की और पुनर्वास व स्वावलंबन पर विशेष ध्यान देने को कहा। संदेश साफ था कि भटकी हुई किशोरियों को सहारा देकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना ही सच्चा न्याय है।
दोपहर बाद डीआरडीए सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम भावनात्मक क्षणों से भरा रहा। 22 पीड़ित महिलाओं ने अपनी व्यथा सीधे आयोग उपाध्यक्ष के सामने रखी। हर शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए उन्होंने अधिकारियों को त्वरित और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि न्याय में देरी पीड़ा को बढ़ाती है, इसलिए महिलाओं को भटकने नहीं दिया जाएगा।इसके अतिरिक्त विकास खंड बंकी में आंगनबाड़ी कार्यकर्ति्रयों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होकर उन्होंने पोषण, स्वास्थ्य और संतुलित आहार पर मार्गदर्शन दिया तथा मानदेय बढ़ाने का मुद्दा मुख्यमंत्री के समक्ष रखने का आश्वासन दिया।
दौरे के अंत में आयोग उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने जिले के अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन और महिला आयोग मिलकर जिस संवेदनशीलता से काम कर रहे हैं, वह महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत कर रहा है। यह दौरा सिर्फ निरीक्षण नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए भरोसे और इंसाफ का संदेश बनकर जिले में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
