बाराबंकी । रबी फसलों में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग को देखते हुए किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कृषि एवं सहकारिता विभाग ने जिलेभर में मंगलवार को सघन जांच अभियान चलाया। तहसीलवार गठित टीमों ने कुल 50 उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर छापेमारी करते हुए 19 उर्वरक के नमूने जांच के लिए ग्रहण किए। इस दौरान एक विक्रेता का उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलंबित किया गया, जबकि चार विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
तहसील नवाबगंज में उप कृषि निदेशक द्वारा छह उर्वरक केन्द्रों पर छापे डालकर दो नमूने लिए गए। तहसील फतेहपुर में जिला कृषि अधिकारी ने 14 बिक्री केन्द्रों की जांच कर सात नमूने संग्रहित किए। इस दौरान मेसर्स वर्मा खाद भंडार, इसरौली का उर्वरक बिक्री केन्द्र बंद पाए जाने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसी तरह तहसील हैदरगढ़ में जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने 12 केन्द्रों पर छापेमारी कर पांच नमूने लिए। तहसील सिरौलीगौसपुर में भूमि संरक्षण अधिकारी, कुर्सी द्वारा छह छापे डालकर एक नमूना लिया गया। यहां मेसर्स वर्मा ट्रेडिंग कम्पनी, महमूदाबाद द्वारा अभिलेख प्रस्तुत न किए जाने पर उनका उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र निलंबित कर दिया गया।
तहसील रामसनेहीघाट में भूमि संरक्षण अधिकारी, गोमती ने तीन केन्द्रों की जांच कर एक नमूना लिया। वहीं तहसील रामनगर में वरिष्ठ प्राविधिक सहायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में आठ उर्वरक बिक्री केन्द्रों पर छापे डाले गए, जिसमें तीन नमूने लिए गए। इस दौरान मेसर्स प्रगतिशील कृषि सेवा केन्द्र, रानीबाजार, रोहित खाद भंडार नहामऊ एवं दीक्षित खाद भंडार रामनगर बंद पाए जाने पर इन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।प्रशासन ने जिले के सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर रेट और स्टॉक बोर्ड अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें तथा पीओएस मशीन के माध्यम से किसानों को उनकी जोत और आवश्यकता के अनुसार निर्धारित मूल्य पर ही बिना किसी टैगिंग के उर्वरक की बिक्री करें। आदेशों की अवहेलना करने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
