राजधानी दिल्ली में लगातार गिर रही एयर क्वालिटी, 'बेहद खराब'
November 16, 2025
राजधानी दिल्ली में लोगों को प्रदूषण से राहत नहीं मिलती दिख रही है। आज भी सुबह-सुबह दिल्ली की हवा काफी प्रदूषित रही। राजधानी के कई इलाकों में घने धुएं की एक परत छाई रही और दिल्ली में एक्यूआई 385 दर्ज किया गया, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में है। हालांकि वायु गुणवत्ता खराब होने के बावजूद लोग कर्तव्य पथ पर जॉगिंग करते हुए नजर आए। बता दें कि दिल्ली में एक्यूआई पिछले कई दिनों से बेहद खराब श्रेणी में चल रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए GRAP-3 भी लागू कर दिया गया है।
पूरी दिल्ली में हवा की क्वालिटी बहुत की खराब है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, राजघाट और आईटीओ की स्थिति सबसे खराब रही, जहां एक्यूआई 417 दर्ज किया गया, जो उन्हें 'गंभीर' श्रेणी में रखता है। इसके अलावा आनंद विहार, अलीपुर और अशोक विहार में भी एक्यूआई का स्तर 400-415 के बीच दर्ज किया गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है। चांदनी चौक क्षेत्र में एक्यूआई 420 दर्ज किया गया, जबकि द्वारका में 378 एक्यूआई दर्ज किया गया। इसी तरह, धौला कुआं में, वाहन घने कोहरे की परत के बीच से गुजर रहे थे और क्षेत्र का एक्यूआई 338 दर्ज किया गया।
इतना ही नहीं दिल्ली के अलावा आस-पास के शहरों में भी हवा की हालत खराब है। यहां नोएडा में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 435 पर पहुंचकर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच गया। इसी तरह, ग्रेटर नोएडा में AQI 452, गाजियाबाद में AQI 448 और गुड़गांव में AQI 377 दर्ज किया गया। कुल मिलाकर खराब हवा की वजह से पूरे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सांस तक लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता के बीच, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा दिल्ली भर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) III लागू किया गया है। इन उपायों का उद्देश्य निर्माण, वाहनों की आवाजाही और औद्योगिक संचालन पर कड़े प्रतिबंधों के माध्यम से उत्सर्जन को नियंत्रित करना है। GRAP-III के तहत, प्रतिबंधों में अधिकांश गैर-जरूरी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध, BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों पर प्रतिबंध, कक्षा 5 तक के छात्रों के लिए कक्षाओं का निलंबन और हाइब्रिड या ऑनलाइन शिक्षा की ओर रुख, गैर-स्वच्छ ईंधन पर निर्भर औद्योगिक संचालन पर प्रतिबंध और गैर-आपातकालीन डीजल जनरेटर सेट पर प्रतिबंध शामिल हैं।
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में अभी भी एक्यूआई सुधरने के आसार नहीं दिख रहे हैं। दिल्ली में प्रदूषण की वजह पंजाब-हरियाणा और आस-पास के इलाकों में जलाई जाने वाली पराली को भी बताया जा रहा है। बता दें कि सीपीसीबी के अनुसार, 0 से 50 के बीच एक्यूआई को 'अच्छा', 51-100 के बीच को 'संतोषजनक', 101-200 के बीच को 'मध्यम', 201-300 के बीच को 'खराब', 301-400 के बीच को 'बहुत खराब' और 401-500 के बीच को 'गंभीर' माना जाता है।
