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हमारे लिए आतंकवादी और आतंकवाद के आका एक बराबर हैं-सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी


देश के सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने आतंकवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा, "हमारे लिए आतंकवादी और आतंकवाद के आका एक बराबर हैं। जो भी आतंकवाद को बढ़ावा देगा, हम उसको जवाब देंगे।"

उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और पाकिस्तान को लेकर भी बयान दिया और चाणक्य डिफेंस डायलॉग में बोले। उन्होंने कहा, "सिंदूर 2 नई चेतावनी है। पानी और खून एक साथ नहीं चल सकता। अगर आप ब्लैकमेल करेंगे तो हम शांत नहीं बैठेंगे। अभी मूवी शुरु भी नहीं हुई थी, 88 घंटों में समझा दिया गया।"

उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के लिए यह बड़ा चैलेंज बन कर रहेगा। हम कह रहे हैं कि आप शांति की प्रक्रिया अपनाइए। आप हमें अगर हमे ब्लैकमेल करना चाहते है तो भारत किसी ब्लैकमेल से नहीं डरेगा। यह (ऑपरेशन सिंदूर) सिर्फ एक ट्रेलर था जो 88 घंटे में खत्म हो गया। हर स्तर पर समय के हिसाब से एक्शन लेना होगा। इंटीग्रेशन जितना जल्दी होगा उतना जल्दी हम जवाब दे सकेंगे।"

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पिछले एक साल में काफी बदलाव और सुधार आया है। दोनों देशों के नेताओं में बात हुई है। पिछले साल 1 अक्टूबर से लेकर अब तक कई सुधार आए हैं। युद्ध वियोजन हमें ढूंढना है। जब रक्षा मंत्री वहां गए, तब उन्होंने कहा कि हमें निर्णय लेना चाहिए कि बर्फ पिघलनी चाहिए या नहीं। दोनों ने माना है कि बॉर्डर पर ज्यादा डायलॉग होने का मुनाफा होगा।

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि जम्मू कश्मीर का आदमी, भारत के कोने-कोने में जाना चाहता है। वहां काम करना चाहता है। देश के लोग जम्मू कश्मीर से जुड़ना चाहते हैं। जो लोग वहां के हालत देखकर बाहर आ गए थे, वह भी वापस जाना चाहते हैं और अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं।सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि सैन्य शक्ति दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है। मैं कहना चाहूंगा कि आज हमारे डिटरेंस काम कर रहे हैं। कश्मीर में 5 अगस्त 2019 से लेकर अब तक सबसे बड़ा बदलाव आया है कि पॉलिटिकल क्लैरिटी मिली है। कॉलेजेस, IIT और IIM खुल रहे हैं। 21% स्कूल बढ़ रहे हैं।

सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि आतंकवाद में बहुत ज्यादा गिरावट आई है, 31 मिलिटेंट और आतंकवादी मारे गए हैं, जिसमें से 21 पाकिस्तानी थे। अब पत्थरबाजी नहीं होती। पहलगाम हुआ, उसके बाद भी अमरनाथ यात्रा में लोग आए। जम्मू कश्मीर में अच्छे के लिए बदलाव आ रहा है। भारत के प्रति सम्मोह बढ़ता जा रहा है, पाकिस्तान के प्रति मोह खत्म होता जा रहा है।

सेना प्रमुख ने कहा कि पड़ोसी देश में किसी तरह की दिक्कत है तो हम पर असर पड़ता है। म्यांमार में परेशानी हुई तो वहां के लोग शरणार्थी के तौर पर आए और हम इसलिए सहयोग कर रहे हैं कि वह स्वेच्छा से वापस लौटें।

हमारी कोशिश है कि हम जल्द ही म्यांमार के साथ मिलकर इन मुद्दों को सुलझा पाएं।

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