लखनऊ। लखनऊ कमिश्नरेट उत्तरी जोन के बीकेटी थाना क्षेत्र के मामपुर बाना गांव के पास किसान पथ रिंग रोड पर बीते तीन दिन पहले पुलिस लाइन के संविदा कर्मी प्रदीप कुमार गौतम पुत्र मंगलू उम्र 25 वर्ष की हत्या का खुलासा मंगलवार को एडीसीपी उत्तरी जोन अमोल मुरकुट ने प्रेसवार्ता कर हत्या की घटना का खुलासा कर दिया। मृतक प्रदीप कुमार गौतम की मास्टरमाइंड पत्नी ने प्रेमी से पति की हत्या करवाई थी। हत्या के लिए पत्नी ने प्रेमी को तमंचा और कारतूस भी दिए थे, प्रेमी ने संविदाकर्मी को पहले शराब पिलाई और जब वह नशे में हो गया तो सिर और पीठ में गोली मारी थीं, शव को सड़क के किनारे फेंककर फरार हो गया था। वहीं छानबीन करने पहुंची पुलिस को मृतक की पत्नी के चेहरे पर कोई शिकन तक नहीं दिखी थी, इससे उस पर शक गहराया था। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो हत्याकांड का खुलासा हो गया।बीकेटी पुलिस ने आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया हैं। घटना 25 अक्टूबर की रात बीकेटी थाना क्षेत्र में आउटर रिंग रोड पर मामपुर बाना गांव के पास की है। मामपुर बाना निवासी 25 वर्षीय प्रदीप कुमार गौतम का खून से लथपथ शव मिला था। पुलिस ने उसकी पत्नी चांदनी की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू की थी। जांच में चांदनी और उसका प्रेमी बच्चा लाल निवासी बबरू, बांदा का नाम सामने आया, तो पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। वहीं एडीसीपी उत्तरी जोन अमोल मुरकुट ने बताया कि 28 वर्षीय चांदनी के पास फरवरी 2025 में बच्चा लाल की रॉन्ग कॉल आई और दोनों ने बात की। उसके बाद से दोनों बातचीत करने लगे। इसके बाद दोनों सोशल मीडिया के जरिए भी जुड़ गए। कुछ ही दोनों में दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं। इसका कारण यह भी रहा कि इसके पहले चांदनी किसी अन्य पुरूष से बातचीत करती थी,लेकिन उस दौरान उससे बातचीत बंद थी। इस वजह से वह बच्चा लाल से देर तक बातें करने लगी। जुलाई में चांदनी की ननद की शादी थी। उस दौरान बच्चा लाल उनके घर आया। चांदनी ने उसे अपनी सहेली का देवर बताकर सप्ताहभर घर में रखा। इस दौरान दोनों की नजदीकियां और बढ़ गईं। दोनों में शारीरिक संबंध भी बने। उसने शादी के कामों में परिवार के लोगों का हाथ भी बंटाया। शादी की भाग-दौड़ की वजह से किसी को उस पर शक भी नहीं हुआ। पुलिस जांच में पता चला कि ननद की शादी के बाद चांदनी बच्चा लाल के साथ दिल्ली चली गई। उसने घरवालों को बताया कि सहेली के साथ काम करने जा रही है। दोनों करीब 20 दिन तक दिल्ली में साथ रहे। इस दौरान कई बार शारीरिक संबंध बनाए। उसके बाद चांदनी लखनऊ लौट आई थी। उसके बाद भी दोनों लखनऊ में छिप छिपकर मिलते रहे। हत्या के आरोपी को गिरफ्तार करने में क्राइम ब्रांच प्रभारी शिवानंद मिश्रा की टीम, बीकेटी थाना प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह की टीम की अहम भूमिका रही और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
पुलिस की जांच में सामने आया कि मृतक प्रदीप कुमार गौतम शराब का आदी था, शराब के नशे में वह चांदनी से मारपीट करता था। इस वजह से चांदनी ने प्रदीप कुमार गौतम को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। उसने बच्चा लाल से प्रदीप कुमार गौतम की हत्या करने को कहा तो उसने मना किया, इस पर चांदनी ने कहा कि वह नहीं मारेगा, तो किसी दूसरे से मरवा देगी। इससे गुस्से में आकर बच्चा लाल ने प्रदीप कुमार गौतम की हत्या करने के लिए तैयार हो गया। वहीं पुलिस की पूछताछ में बच्चा लाल ने बताया कि 25 अक्टूबर की शाम वह प्रदीप कुमार गौतम से मिला। उसे शराब पिलाने के बहाने गांव के पास आउटर रिंग रोड के किनारे ले गया। वहां दोनों ने शराब पी। उसने कम शराब पी और प्रमोद को अधिक पिलाई। प्रमोद जब नशे में हो गया, तो तमंचे से उसके पीठ में गोली मार दी। वह जमीन पर गिर गया, तो एक गोली उसके सिर में मारी। उसके बाद फरार हो गया। पकड़े जाने के बाद दोनों एक दूसरे पर प्रदीप कुमार गौतम की हत्या का दोष मढ़ने लगे। बच्चा लाल ने कहा कि चांदनी ने तमंचा और कारतूस की व्यवस्था की। वहीं, चांदनी ने कहा कि बच्चा लाल खुद तमंचा लेकर आया था। पुलिस पूछताछ के आधार पर तमंचा के बारे में जानकारी जुटा रही है। वहीं पुलिस ने आरोपियों से 315 बोर तमंचा, 1 जिंदा कारतूस, 325 रुपए, एक मोबाइल, मृतक की बाइक उसी से आरोपी प्रेमी भागा था बरामद हुई है। प्रदीप और चांदनी की करीब 8 साल पहले शादी हुई थी। दोनों की 2 बेटियां हैं। पिता की हत्या और मां के जेल जाने के कारण दोनों अकेली रह गई हैं। परिवार के अन्य सदस्य उनकी देखरेख कर रहे हैं।
