बलिया। जिलाधिकारी के निर्देश पर इस बार पार्किंग, झूला, मौत का कुंआ आदि की खुली नीलामी गंगा बहुद्देशीय सभागार कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय कमेटी के सामने कराई जाएगी। इसकी पारदर्शी प्रक्रिया के लिए निम्न व्यवस्था की गई है।
-नीलामी में बोली लगाने वाले लोगों के साथ 500 दर्शक भी खुली नीलामी की बोली देख सकेंगे।
-नीलामी की प्रक्रिया को स्म्क् स्क्रीन लगाकर डिस्प्ले किया जाएगा।
-नीलामी आनलाइन दिखाने के लिए छपब की टीम डिस्प्ले और यू ट्यूब या अन्य माध्यम से लाइव प्रदर्शित करेगी।
-मीडिया बंधु भी खुली बोली की नीलामी प्रक्रिया को देख सकते है।
अपर जिलाधिकारी (भूध्रा)ध्जनपद मेला प्रभारी ददरी मेला- 2025 की प्रबंध व्यवस्था के लिए निम्न कार्यों की नीलामी खुली बोली के माध्यम से 28 अक्टूबर 2025 को गंगा बहुद्देशीय सभागार बलिया में आयोजित की जाएगी।
-झूला के लिए भूमि आवंटन - न्यूनतम आरक्षित धनराशि 62.50 लाख रुपये।
-वाहन के लिए चार पार्किंग स्टैंड -न्यूनतम आरक्षित धनराशि 22.55 लाख रुपये।
-फर्नीचर ( लकड़ी) बाजार के लिए भूमि आवंटन- न्यूनतम आरक्षित धनराशि 4.25 लाख रुपये।
-प्रदर्शनी ( झूला क्षेत्र के निकट ) के लिए भूमि आवंटन -न्यूनतम आरक्षित धनराशि 20 लाख रुपये।
उपरोक्त कार्यों के लिए समस्त नीलामी के प्रपत्र निर्धारित शुल्क जमाकर कार्यालय नगर पालिका परिषद बलिया एवं एलबीसी ऑफिस (कार्यालय जिलाधिकारी, बलिया ) से प्राप्त किया जा सकता है ।
ददरी मेला से होने वाली आय..
-ददरी मेला में झूला क्षेत्र, पार्किंग, लकड़ी बाजार की नीलामी की तिथि घोषित की गई। संपूर्ण प्रक्रिया निम्न प्रकार संपादित होगी।
-आवेदन फॉर्म नगर पालिका और कलेक्ट्रेट स्ठब् पटल से निर्धारित शुल्क देकर प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए नगर पालिका के कर्मचारी नामित किए गए हैं।
-22 से 27 अक्टूबर तक आवेदन फॉर्म प्रत्येक दिन सुबह 10 बजे से एक बजे दोपहर तक प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन 28 अक्टूबर को सिर्फ 11 बजे सुबह तक ही प्राप्त होगा।
-आवेदन फॉर्म 22 से 28 अक्टूबर तक सुबह 10 बजे से दोपहर एक बजे तक जमा किया जा सकता है, जो वीडियोग्राफी कर शील्ड बॉक्स में रखा जाएगा।
-28 अक्टूबर को दोपहर दो बजे आवेदन प्रपत्रों की स्क्रुटनी गंगा बहुद्देशीय सभागार में सभी के समक्ष की जाएगी। पात्र होने पर ही नीलामी में प्रतिभाग कर सकेंगे।
-28 अक्टूबर को शाम तीन बजे कलेक्ट्रेट गंगा बहुद्देशीय सभागार में नीलामी प्रक्रिया की जाएगी।-
अपर जिलाधिकारी (भू/रा)
कार्तिक पूर्णिमा स्नान घाट में पांच लाख से अधिक आने वाली व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस किया जाएगा। इस बार विशेष कार्य कराए जाएंगे।
-महावीर घाट से कार्तिक पूर्णिमा स्नान घाट जाने वाले मार्ग में पांच सुंदर गेट बनाए जाएंगे। जिसे मां गंगा द्वार, मां सरयू द्वार, महर्षि भृगु द्वार, दर्दर मुनि द्वार, कार्तिक पूर्णिमा स्नान द्वार बनाया जाएगा।
-मुख्य द्वार को विशेष आकर्षक लाइट से सजाया जाएगा। जिसमें त्रिशूल, कलश आदि लाइट लगाई जाएगी।
-कार्तिक पूर्णिमा स्नान घाट में मुख्य द्वार 100 फिट का होगा।इसके अतिरिक्त दो वैकल्पिक रास्ते 50 फीट के बनाए जाएंगे।
-कार्तिक पूर्णिमा स्नान घाट में ले आउट तैयार कर शरणार्थियों के टेंट की व्यापक व्यवस्था होगी।इस बार जर्मन हैंगर नहीं किया जाएगा। कार्तिक पूर्णिमा में न लगाकर आश्रय स्थल में व्यय होगा।
-प्रथम बार कार्तिक पूर्णिमा स्नान क्षेत्र को व्यवस्थित करने के लिए 200 से अधिक लगने वाली अस्थाई दुकान और छोटे विक्रेताओं के लिए स्थल चिन्हित किया गया है।
-शौचालय, प्रकाश, स्वच्छता, पेयजल, सीसीटीवी कैमरा, चेंजिंग रूम , चिकित्सा कैम्प, खोया पाया केंद्र, आपदा केंद्र, नाव, एनडीआरएफ, नाविक आदि व्यवस्थाओं में वृद्धि कर व्यवस्थित किया जाएगा। स्नानार्थियों की सुविधा में वृद्धि की जाएगी।
कार्तिक पूर्णिमा के दिन स्नान घाट तक जाने के लिए वीआईपी के लिए अलग से वाहन मार्ग बनाया जा रहा है, जो बयासी पुल से गुजरेगा। कार्तिक पुर्णिमा स्नान घाट से लगभग दो किमी मार्ग के मरम्मत का काम लोक निर्माण विभाग करेगा। जिसका कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है।
-बयासी पुल के अप्रोच पर भी सुंदर गेट बनाया जाएगा। उस रास्ते को स्वच्छ करते हुए और लाइट लगाई जाएगी। जिसे खंड विकास अधिकारी दुबहड़ सुनिश्चित कराएंगे।
-लोक निर्माण स्टोर से कार्तिक पूर्णिमा स्नान घाट मार्ग भी नदी कटान से प्रभावित होने के कारण मार्ग की मरम्मत और वैकल्पिक रास्ता निर्माण और मरम्मत अधिशासी अभियंता लोक निर्माण खंड और खंड विकास अधिकारी दुबहड़ सुनिश्चित कराएंगे।
बता दें कि कार्तिक पूर्णिमा स्नान और ददरी मेला क्षेत्र की व्यवस्था और आवश्यक प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण किया गया।साथ में अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी सदर, कोतवाली सदर, तहसील राजस्व विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगरपालिका और विकास खंड की टीम उपस्थित रही।
