Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS

बाराबंकी: श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता ने भाव-विभोर किए श्रोता! भागवत कथा में छलका भक्ति और प्रेम का अमृत


रामनगर /बाराबंकी। कस्बे के धमेडी मोहल्ला स्थित लक्ष्मी नारायण शुक्ला के आवास पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा व्यास वैष्णवाचार्य प्रपन्नाचार्य महाराज ने द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की अनन्य मित्रता का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। व्यास पीठ से महाराज ने कहा कि द्वारकाधीश भगवान श्रीकृष्ण ने जब दरिद्र ब्राह्मण सुदामा को गले लगाकर उनका स्वागत किया, तब संसार को सच्ची मित्रता का अमर संदेश मिला। भगवान श्रीकृष्ण की आंखों से सुदामा की दीन दशा देखकर आंसू बह निकले और उन्होंने अपने परम मित्र के चरण धोकर उन्हें सिंहासन पर बैठाया। इस करुण दृश्य ने सभी श्रोताओं को भाव-विह्वल कर दिया।

जीवनयापन करते थे, किंतु उनका मन सदा प्रभु-भक्ति में लीन रहता था। जब सुदामा की पत्नी सुशीला के आग्रह पर वे द्वारका पहुंचे, तो प्रभु ने न केवल उन्हें सम्मान दिया, बल्कि उनकी झोपड़ी को महल में बदल दिया। यही कारण है कि श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता आज भी अमर है और युगों-युगों तक प्रेरणा देती रहेगी।अगले प्रसंग में महाराज ने राजा परीक्षित और शुकदेव जी की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि सात दिन तक भागवत श्रवण से राजा परीक्षित के मन से मृत्यु का भय समाप्त हो गया। कथा श्रवण के प्रभाव से वे तक्षक नाग के डसने के बाद भी भगवान के परमधाम को प्राप्त हुए।

कथा के दौरान सत्यभामा, रुक्मणी, गरुड़ और सुदर्शन मान-मर्दन प्रसंगों का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया। शुकदेव पूजन के साथ दिन की कथा सम्पन्न हुई।इस अवसर पर लक्ष्मी नारायण शुक्ला, अनिल अवस्थी, मधुबन मिश्रा, आशीष पांडे, बृजेश शुक्ला, दुर्गेश शुक्ला, गोपाल जी शुक्ला, उमेश पांडे, शुभम जायसवाल, लवकेश शुक्ला और शिवम शुक्ला सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |