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पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और सरदार पटेल की जयंती पर बोली कांग्रेस! वह दिलों में बसते हैं और उनके विचार कांग्रेस की विचारधारा का अटूट हिस्सा हैं


कांग्रेस ने आज शुक्रवार (31 अक्टूबर) को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि और देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया. कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शक्ति स्थल पहुंचकर इंदिरा गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित किए.

कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह दिलों में बसते हैं और उनके विचार कांग्रेस की विचारधारा का अटूट हिस्सा हैं. उन्होंने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा, ‘‘संपूर्ण देश को एकता एवं अखंडता के सूत्र में पिरोने वाले भारत के लौह पुरुष देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व हमारे प्रेरणास्रोत सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की 150वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन.’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘पंडित नेहरू पटेल को भारत की एकता का संस्थापक कहते थे. आज उनकी 150वीं जयंती हम लोग देश भर में पूरे उल्लास से मना रहे हैं.’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘सरदार साहेब कांग्रेस के अध्यक्ष थे. उनके नेतृत्व में कराची कांग्रेस में मौलिक अधिकारों पर जो प्रस्ताव पारित हुए थे वह भारतीय संविधान की आत्मा हैं.' खरगे ने कहा कि सरदार पटेल हमारे दिलों में बसे हैं और उनके विचार जिसमें आपसी सौहार्द और भाईचारे की भावना पर बल दिया गया है वो कांग्रेस पार्टी की विचारधारा का अटूट हिस्सा हैं.

इंदिरा गांधी को याद करते हुए खरगे ने कहा कि भारत की एकता व अखंडता को संजोये रखने के लिए जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति, कुशल नेतृत्व व दूरदर्शिता से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और एक सशक्त प्रगतिशील भारत का निर्माण किया. साहस की ऐसी प्रतिमूर्ति, भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री व हमारी आदर्श इंदिरा गांधी जी के बलिदान दिवस पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इंदिरा गांधी को याद करते हुए कहा कि आज देश इंदिरा गांधी को याद कर उनकी शहादत की 41वीं बरसी पर श्रद्धांजलि दे रहा है. वह असाधारण धैर्य, साहस, दृढ़संकल्प वाली व्यक्ति थीं. उन्होंने कहा, ‘‘ 13 अगस्त 1977 को बारिश वाला दिन था, जब उन्होंने पहले कार, जीप और ट्रैक्टर से यात्रा की और फिर हाथी पर सवार होकर बिहार के सुदूर गांव बेलछी तक गईं. जातिगत अत्याचारों से तबाह हुए परिवारों तक इस असाधारण और सहज संपर्क ने उनके राजनीतिक पुनरुत्थान का मार्ग प्रशस्त किया.

रमेश ने इस बात का भी जिक्र किया कि संयोग से एक दिन बाद वह पटना में अपने सबसे कटु राजनीतिक आलोचक और विरोधी जयप्रकाश नारायण से मिलीं. दोनों ने चार दशकों की अवधि में अपने गहरे व्यक्तिगत जुड़ाव को याद करते हुए एक घंटे संवाद किया था.

सरदार पटेल का जन्म 31 अक्टूबर, 1875 को गुजरात के नाडियाद में हुआ था. स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की 560 से अधिक रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण का श्रेय उनकी सियासी और कूटनीतिक क्षमता को दिया जाता है. देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर, 1917 को प्रयागराज में हुआ था. उनकी 31 अक्टूबर 1984 को उनके अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी.

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