चीन ने पहली बार आर्मी परेड में प्रदर्शित की खतरनाक DF-5C न्यूक्लियर मिसाइल
September 03, 2025
चीन ने जापान के खिलाफ द्वितीय विश्व युद्ध में जीत की 80वीं वर्षगांठ पर अपनी सबसे खतरनाक इंटर-बैलिस्टिक परमाणु मिसाइल का पहली बार बुधवार को आर्मी परेड में प्रदर्शन किया। डीएफ-5सी नई प्रकार की तरल-ईंधन वाली अंतरमहाद्वीपीय रणनीतिक परमाणु मिसाइल है। ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार इस मिसाइल की अनुमानित रेंज 20,000 किलोमीटर से अधिक है। यह रक्षा भेदन और सटीकता में बेहद परफेक्ट मानी जाती है। यह दुनिया के किसी भी हिस्से में पहुंच सकती है।
परेड में चीन ने पहली बार नए हथियार प्रणालियों की एक श्रृंखला प्रदर्शित की। इसमें डीएफ-5सी के अलावा 5000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली डीएफ-26डी जहाज-रोधी बैलिस्टिक मिसाइलें, सीजे-1000 लंबी दूरी की हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइलें, वायु रक्षा प्रणालियां, एचक्यू-29 बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर, ‘कैरियर किलर’ मिसाइलें, नया युद्धक टैंक टाइप 99बी और कई रॉकेट लॉन्चर शामिल हैं। इसके साथ ही वाहन-आधारित लेजर रक्षा हथियार, चार प्रकार के विमानवाहक-आधारित जेट लड़ाकू विमान, समुद्र में गहराई तक मार करने वाले ड्रोन, एच-6जे लंबी दूरी के बमवर्षक, हवाई पूर्व चेतावनी विमान, सेना और नौसेना के ड्रोन भी हैं।
इसकी गणना दुनिया के सबसे खतरनाक मिसाइलों में है। इस अंतरमहाद्वीपीय रणनीतिक परमाणु मिसाइल की मारक क्षमता पूरे विश्व को कवर करती है। यह हर समय तैनात रहती है। ताकि प्रभावी रूप से निवारण किया जा सके, ताकत द्वारा युद्धों को रोकने में मदद मिले और विश्व को स्थिर करने में योगदान दे। मिसाइल प्रौद्योगिकी और परमाणु निरस्त्रीकरण विशेषज्ञ प्रोफेसर यांग चेंगजुन ने बताया, “डीएफ-5सी तरल-ईंधन वाली अंतरमहाद्वीपीय रणनीतिक परमाणु मिसाइल ने चीन की पिछली डीएफ श्रृंखला की मिसाइलों के विकास के दौरान प्राप्त प्रौद्योगिकियों और अनुभवों को एकीकृत किया है, जिसमें डीएफ-5 श्रृंखला और डीएफ-41 मिसाइलों के तकनीकी लाभ शामिल हैं। यह महत्वपूर्ण रणनीतिक मूल्य प्रदान करती है।”
यांग ने कहा कि डीएफ-5सी सहित कई नई प्रकार की रणनीतिक परमाणु हमले के हथियार सैन्य परेड में व्यापक रूप से प्रदर्शित किए जाते हैं, वे चीन की परमाणु रणनीति के अनुरूप हैं। चीन ने हमेशा एक रक्षात्मक प्रकृति की परमाणु रणनीति का पालन किया है, जिसका उद्देश्य अन्य देशों को चीन के खिलाफ परमाणु हथियारों का उपयोग करने या उपयोग करने की धमकी देने से रोकना और राष्ट्रीय रणनीतिक सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
