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असदुद्दीन ओवैसी ने तेजस्वी यादव को दी बड़ी चेतावनी, कहा - कोई अगर हमसे सियासी लड़ाई लड़ना चाहता है तो हम हमेशा तैयार रहते हैं


बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मुस्लिम वोटों की लड़ाई तेज हो गई है। AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी सीमांचल में न्याय यात्रा निकाल रहे हैं। आपको बता दें कि पिछली बार सीमांचल में ओवैसी की पार्टी ने पांच सीटें जीती थीं। लेकिन अब उनकी पार्टी का सिर्फ एक विधायक बचा है। चार विधायक पार्टी छोड़कर RJD के साथ जा चुके हैं। गुरुवार को सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने तेजस्वी यादव को बड़ी चेतावनी दे दी है।

असदुद्दीन ओवैसी कोचाधामन में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस पार्टी ने उनके विधायकों को खरीद लिया उन्हीं को गठबंधन के लिए लेटर लिखना दिल पर पत्थर रखकर किया गया काम था। ओवैसी ने कहा कि वो सिर्फ 6 सीट चाहते थे ना मंत्री पद ना कुछ और। फिर भी उनके ऑफर को ठुकराया गया। कोचाधामन में असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि "हम गैरों की चौखट में जाकर भीख नहीं मांगेंगे, आपके पास इतनी ताकत है कि दुबारा अपने वोट से इन्हें कामयाब कर सकते हैं। अब नहीं मालूम क्या होने वाला है राजद में। अख्तरुल साहब ने लालू प्रसाद साहब को खत लिखा तेजस्वी यादव ने कहा मुझे नहीं मिला। मेरे भाई अगर घर में बाप जिन्दा होता है तो बाप की मौजूदगी में जब बड़ों के सामने बात रखी जाती है तो छोटों को हक नहीं होता कि कहे की आपने अब्बा को कहा मुझे नहीं कहा। मगर ठीक है हर घर में अलग माहौल होता है।"

ओवैसी ने कहा- "अख्तरुल साहब ने फिर तेजस्वी को खत लिख दिया 6 सीट दे दो पांच तो हम जीतकर आये। अगर सरकार बनती है तो मुझे मंत्री न बनाओ लेकिन सीमांचल के लिए काम करो। सीमांचल डेवलपमेन्ट बोर्ड बनाओ।"

असदुद्दीन ओवैसी ने तेजस्वी यादव को चेतावनी भी दी है। ओवैसी ने कहा- "राजद के लोगों को ये समझना होगा कि अख्तरुल ने हाथ बढ़ाया है बीजेपी को रोकने लिए तो राजद के जितने नेता हैं समझ लें ये कमजोरी की निशानी नहीं है। तुम अगर प्रपोजल को कबूल नहीं करोगे तो याद रखो तेजस्वी, मजलिस के हाथ बड़े दराज हैं जो हाथ तुम्हाी तरफ दोस्ती के लिए बढ़ा है कल ये हाथ तुम्हारे गिरेबान के धार से भी खेलेगा। याद रखो इस बात को।

असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि बिहार में एनडीए की सरकार बनी तो भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनेगा। ओवैसी ने कहा-"हम नहीं चाहते की बिहार में नीतीश कुमार या बीजेपी की सरकार बने। अगर बनती है तो हमें यकीन है बीजेपी का मुख्यमंत्री होगा हम नहीं चाहते कि बिहार में ऐसा हो। फैसला आपको करना है।

बिहार में ओवैसी के इंपैक्ट की बात करें तो 2020 के विधानसभा चुनाव में ओवैसी ने बिहार की 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था जिनमें 14 सीटों पर जमानत जब्त हो गई। हालांकि, सीमांचल में ओवैसी का जादू चला और पांच सीटों पर जीत मिली। पूरे बिहार में भले ही ओवैसी की पार्टी का वोट शेयर 1.24 प्रतिशत ही रहा हो लेकिन जिन सीटों पर AIMIM ने चुनाव लड़ा वहां उनका वोट शेयर 14.28 प्रतिशत रहा।

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