बलिया। हल्दी के परसिया गांव में स्थित महर्षि पराशर मुनि के तपोभूमि पर रविवार के दिन एकदिवसीय मेला संपन्न हुआ।मान्यता है कि पराशर मुनि मंदिर के पास स्थित पोखरा में स्नान करने से कुष्ठ जैसे असाध्य रोग की समाप्ति हो जाती है। यहां पोखरे का पांच बार परिक्रमा करते हुए जौ बोने का रिवाज है। कहा जाता है कि परिवार की सुख- समृद्धि के लिए महिलाएं ऐसा करती है। इस दौरान जिले के कोने-कोने से हजारों श्रद्धालु महिलाएं व पुरुषों ने हिस्सा लिया।
पराशर मुनि धाम पर प्रतिवर्ष अनंत चतुर्दशी के अगले दिन भाद्रपद की पूर्णिमा व कार्तिक मास में पंचकोशी के दौरान मेला लगता है, जहां पर अनंत चतुर्दशी को ही जनपद के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने रात्रि विश्राम किया और रविवार की सुबह पोखरे में स्नान करके जौ बोते हुए पांच बार परिक्रमा की। कहा जाता है कि पोखरे में स्नान करने से विभिन्न चर्मरोग समाप्त हो जाता है और जौ बोने से समृद्धि मिलती है।परसिया ग्राम प्रधान नागेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पराशर मुनि के समाधि स्थल के 200 मीटर के परिधि में कहीं भी खुदाई करने पर मनुष्यों का कंकाल व हड्डियां मिलती है। लोग हमेशा श्रद्धा से पूजा पाठ करते हैं।सरकार द्वारा पर्यटन स्थल सन 2023- 24 में घोषित किया गया। तब से विकास का कार्य तेजी से चल रहा है।
उन्होंने बताया कि हमारा प्रयास है कि इस स्थान पर आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। मंदिर के पुजारी पप्पू ओझा ने बताया कि इस धाम पर 84 हजार साधू महात्माओं ने यहां तपस्या की है और समाधि ली है। जिनकी आज भी हड्डियां मिलती है। मेले में महिलाएं जहां अपनी जरूरत की वस्तुओं को खरीददारी की, वहीं बच्चों ने चाट, जिलेबी के साथ चरखी का आनंद लिया।मेले में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हल्दी थानाध्यक्ष रोहन राकेश सिंह व बसुधरपाह चैकी इंचार्ज शिव प्रकाश पांडेय, उपनिरीक्षक मनीराम, उपनिरीक्षक रवि वर्मा, उपनिरीक्षक उदयवीर तथा बलिया महिला थानाध्यक्ष अनीता सिंह अपने मातहतों के साथ पूरे दिन मुस्तैद रहीं।
