लखनऊ। राजधानी लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय बधिर व्यक्ति सप्ताह के उपलक्ष्य में नवजात श्रवण स्क्रीनिंग पर जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन, ईएनटी विभाग ने बाल रोग विभाग के सहयोग से हुआ। यह कार्यक्रम शनिवार को डॉ. राम प्रकाश गुप्ता मेमोरियल अस्पताल में आयोजित किया गया था।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नवजात शिशुओं की श्रवण स्क्रीनिंग के विषय पर था। ताकि जन्म के बाद सुनने की क्षमता के नुकसान की जल्द पहचान की जा सके। प्रतिवर्ष कई बच्चे सुनने की हानि के साथ पैदा होते हैं। जिसका यदि पता न चले, तो यह उनके बोलने, भाषा और सामाजिक विकास को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है। हालांकि, यदि जन्म के एक माह के भीतर स्क्रीनिंग की जाती है और सुनने की कमी की पहचान हो जाती है, तो बच्चे के पास भविष्य में अपनी पूर्ण विकास क्षमता तक पहुंचने का सर्वोत्तम अवसर होता है।
यह कार्यक्रम कॉकलियर इम्प्लांट ग्रुप ऑफ इंडिया (ब्प्ळप्) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ राम मनोहर लोहिया संस्थान के निदेशक, प्रोफेसर (डॉ.) सी. एम. सिंह, ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और समाज पर ऐसे कार्यक्रमों के पड़ने वाले प्रभाव की सराहना की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण संस्थान के एमबीबीएस छात्रों द्वारा नवजात श्रवण स्क्रीनिंग के विषय पर किया गया एक ष्नुक्कड़ नाटकष् प्रदर्शन और कविता पाठ रहा।
बाल रोग विभाग की विभागाध्यक्ष, प्रोफेसर (डॉ.) दीप्ति अग्रवाल और ऑडियोलॉजिस्ट एवं स्पीच थेरेपिस्ट, श्री मयंक अवस्थी ने सुनने की हानि की शीघ्र पहचान की भूमिका पर बहुमूल्य जानकारी साझा की। कार्यक्रम की आयोजन सचिव, ईएनटी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. तरुणी लाल चंदानी ने कार्यक्रम का संक्षिप्त अवलोकन प्रस्तुत किया और सुनने में कठिनाई वाले बच्चे में मनोवैज्ञानिक, सामाजिक अलगाव के महत्व को रेखांकित किया।
ेकार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर (डॉ.) विक्रम सिंह, चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर (डॉ.) तनवीर रोशन और कार्डियोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर (डॉ.) भुवन चंद्र तिवारी शामिल थे। ईएनटी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष चंद्र अग्रवाल ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया था।
