अमेरिकी टैरिफ! अमेरिका सबकुछ नहीं, 40 नए और बाजार तैयार-गिरिराज सिंह
September 03, 2025
अमेरिका की ओर से भारतीय टेक्सटाइल उत्पादों पर लगाए गए टैरिफ को लेकर कपड़ा उद्योग में चिंता बनी हुई है. हालांकि केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि भारत सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए ठोस तैयारी की है और नए बाजारों की तलाश की जा रही है.
vidhankesari.com से बातचीत करते हुए केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, 'अमेरिकी टैरिफ से कपड़ा उद्योग को झटका जरूर लग सकता है, लेकिन यह असर सीमित होगा. भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट का केवल 8 से 10 फीसदी ही हिस्सा अमेरिका जाता है और उसमें भी 5-7 बड़े व्यापारी 50 से 60 फीसदी योगदान करते हैं. ऐसे में यह कहना कि पूरे भारतीय कपड़ा उद्योग पर बहुत बड़ा असर पड़ जाएगा, सही नहीं होगा.'
उन्होंने बताया कि अमेरिकी टैरीफ लगने के बाद से सरकार 40 नए बाजारों की पहचान कर चुकी है, जहां भारतीय कपड़ों की मांग अमेरिका की तुलना में कहीं अधिक है. इससे व्यापारियों को वैकल्पिक अवसर मिलेंगे और नुकसान की भरपाई संभव होगी.
कपड़ा मंत्री ने यह भी याद दिलाया कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय कपड़ा उद्योग को भारी चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, लेकिन फिर भी यह क्षेत्र पहले से मजबूत होकर वापस खड़ा हुआ. इस बार भी हमें उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य हो जाएंगे और उद्योग बेहतर प्रदर्शन करेगा.
गिरिराज सिंह ने विपक्ष के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और अन्य नेताओं को समझना चाहिए कि जिम्मेदारी केवल केंद्र की नहीं है. यदि राज्यों को कपड़ा व्यापार से टैक्स का लाभ मिलता है तो उन्हें भी व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए.
गौरतलब है कि अमेरिका ने हाल ही में भारतीय उत्पादों पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है और जिन क्षेत्रों में सबसे अधिक असर पड़ेगा, उन्हीं में से टेक्सटाइल और कपड़ा उद्योग है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों को प्रतिस्पर्धा में नुकसान उठाना पड़ सकता है. हालांकि सरकार का दावा है कि भारत का कपड़ा उद्योग इतना विविध और बड़ा है कि वह नए बाजारों के जरिए इस नुकसान की भरपाई कर लेगा.
