बाराबंकी। राशन वितरण और कार्ड जारी करने के मामले में महत्वपूर्ण निर्णय लेकर शासन ने आदेश जारी कर दिया है। यह बिंदु गरीबों को राशन मुहैया कराने के हित में एक बेहतरीन कदम है। अब पांच वर्ष में एक बार ई-केवासी होगा। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों का राशन कार्ड पृथक नहीं होगा, यानि वह अपने परिवार के कार्ड में ही सदस्य रह सकते हैं। छह माह राशन न लेने वाले उपभोक्ताओं का कार्ड स्वतरू निरस्त हो जाएगा।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली मंत्रालय की ओर से कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। सम्मान निधि पोर्टल से राशन कार्ड की साइट को लिंक कर दिया गया है। साफ्टवेयर स्वतरू ऐसे कार्ड धारकों की पहचान कर लेगा, जिन्होंने पांच एकड़ से अधिक जमीन लगाकर सम्मान निधि ले रहे हैं। ऐसे लाभार्थियों की संख्या जिले में हजारों की है, हालांकि सत्यापन के बाद स्थिति सामने आएगी।
बच्चों का भी ई-केवाइसी अनिवार्य रू अब पांच वर्ष में एक बार ई-केवाइसी कराना अनिवार्य कर दिया है। 18 वर्ष से कम आयु के पुत्र या पुत्रियां का अलग राशन कार्ड नहीं बनाया जाएगा। बालिग होने पर ही राशन कार्ड पृथक हो पाएगा। पांच वर्ष पूर्ण होने के बाद बच्चों का ई-केवाइसी कराना भी लागू कर दिया गया है।
छह माह राशन न लेने वालों का कटेगा कार्ड रू लगातार छह महीने तक राशन न लेने वालों का राशन कार्ड निरस्त करने के आदेश हो चुके हैं। इसके अलावा यदि दो राज्यों में राशन कार्ड हैं, तो वहां पर राशन वितरण रोक दिया जाएगा। दो राज्यों में अब आधार कार्ड, राशन कार्ड बनवाने में प्रयोग नहीं होगा। पोर्टल पर ही रोक लगा दी गई है।
जिले में ऐसे बुजुर्ग चिह्नित किए जा रहे हैं, जिनकी उम्र 100 पार हो गई है। निर्वाचन कार्ड के मुताबिक पांच सौ से कम लोग हैं, जो 100 वर्ष आयु पार कर गए हैं, लेकिन राशन कार्ड में हजारों की संख्या हैं। इनकी विशेष जांच कर ऐसे नाम हटाए जाएंगे, जो मृतक हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त 12 माह के नीचे वाले बच्चों का नाम दर्ज होने की जांच होगी। क्योंकि इन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों पर हर माह पोषाहार दिया जाता है।
एआरटीओ से लिंक होगा राशन कार्ड रू ऐसे लोगों को भी चिह्नित किया जाएगा, जिनके पास चार पहिया वाहन है और राशन ले रहे हैं। शासन से ही एआरटीओ विभाग की साइट से राशन कार्ड को लिंक कर दिया जाएगा। पोर्टल से ही लोगों का चिह्नांकन होगा, जिनके पास कार और राशन कार्ड दोनों हैं।
डा. राकेश कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी, बाराबंकी-राशन कार्ड और ई-केवाइसी कराने में महत्वपूर्ण बिंदु जारी कर दिए गए हैं। पांच वर्ष पर ई-केवाइसी अनिर्वाय होगा। सम्मान निधि पाने वाले लाभार्थियों की जांच होगी। चार पहिया वाहन वाले उपभोक्ताओं का कार्ड काटकर गरीबों को जोड़ा जाएगा।
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