कमजोर आंतों को मजबूत बना सकता है ये आयुर्वेदिक मंत्र
August 04, 2025
जैसे उच्चारण-क्लियर स्पीच के लिए, टंग ट्विस्टर एक मजेदार तरीका है, वैसे ही कुछ चटनियां, जीभ का स्वाद बढ़ाने के साथ सेहत के लिए बहुत असरदार हैं। अगर आपको लंच के बाद नींद आती है, लगता है कि बेहोशी आ जाएगी, लो एनर्जी महसूस होती है या फिर आपके शरीर में विटामिन्स की कमी है, बीपी-शुगर की परेशानी है, जॉइंट्स में दर्द है, कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, पाचन खराब है, थायरॉइड है, वजन ज्यादा है, स्किन पर पिग्मेंटेशन हो जाता है, तो ये चटनियां आपके लिए बड़े काम की हैं। आइए रंग-बिरंगी धनिया-पुदीने की चटनी, नारियल की चटनी, टमाटर की चटनी, मूंगफली की चटनी और अलसी की चटनी के बारे में जानते हैं।
सबसे ज्यादा खाई और बनाई जाने वाली धनिया-पुदीने की चटनी में विटामिन, मिनरल्स और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। इसे खाने से डाइजेशन बेहतर होता है। ये चटनी थायरॉइड को बैलेंस करती है, वजन कंट्रोल करने में मददगार है क्योंकि इसमें फाइबर की अच्छी खासी मात्रा मौजूद होती है और कैलोरी कम मात्रा में पाई जाती है। वहीं, टमाटर की चटनी खून की कमी को दूर करती है। हाई बीपी वालों के लिए ये चटनी वरदान है। नारियल की चटनी तमाम तरह के मिनिरल्स से भरपूर होती है और इम्यूनिटी को बूस्ट करने के साथ दिल को मजबूत बनाती है और शुगर को कंट्रोल में रखती है। वहीं, मूंगफली की चटनी में एंटी एजिंग गुण मौजूद होते हैं और इसे खाने से स्किन ग्लो करती है, हड्डियों को मजबूती मिलती है। मूंगफली की चटनी में फाइबर्स होने की वजह से कॉन्स्टिपेशन की समस्या दूर होती है। ये चटनी प्रोटीन और फैट का गुड सोर्स भी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अलसी की चटनी बोन्स से लेकर कोलेस्ट्रॉल तक, डायबिटीज से लेकर वेट लॉस तक, सबके लिए रामबाण है। इसके अलावा 'पीरियड क्रैम्प' में भी अलसी की चटनी किसी संजीवनी से कम नहीं है। आइए आज योगाभ्यास के साथ 'स्वाद और सेहत' की बात करते हैं।
पोषक तत्वों से भरपूर इन चटनियों को सही मात्रा में और सही तरीके से कंज्यूम करके आप लो एनर्जी, स्किन प्रॉब्लम, लंच के बाद नींद, बीपी-शुगर, जोड़ों में दर्द, हाई कोलेस्ट्रॉल, थायरॉइड, खराब पाचन जैसी समस्याओं को दूर कर सकते हैं। अगर आप अपने पाचन तंत्र को इम्प्रूव करना चाहते हैं, तो आपको हर रोज सुबह-सुबह उठकर गुनगुना पानी पीना चाहिए। इसके अलावा एलोवेरा-आंवला और गिलोय को भी गट हेल्थ के लिए फायदेमंद माना जाता है। गट हेल्थ के लिए बाजार की चीजों को खाने से बचें। अगर आप पानी को उबालकर पीते हैं और रात में हल्का खाना खाते हैं, तो भी आपको पेट से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है।
सौंफ और मिश्री चबाना, जीरा-धनिया-सौंफ का पानी पीना और खाने के बाद भुनी हुई अदरक खाना, कब्ज की समस्या को दूर करने में फायदेमंद साबित हो सकता है। एसिडिटी को दूर करने के लिए आप लौकी-तुलसी का जूस या फिर बेल का जूस पी सकते हैं। गैस की समस्या से छुटकारा पाने के लिए अंकुरित मेथी खाना, मेथी का पानी पीना, अनार खाना, त्रिफला चूर्ण लेना और खाने को अच्छे से चबाना चाहिए। आंत की मजबूती के लिए गुलाब के पत्ते, सौंफ, इलायची, शहद को मिलाकर पेस्ट बना लें और फिर रोजाना 1 चम्मच खाएं। रोज गाजर, चुकंदर, लौकी, अनार, सेब का जूस (पंचामृत) निकालकर पीने से भी पेट से जुड़ी कई समस्याओं को दूर किया जा सकता है। खराब पाचन को दुरुस्त करने के लिए जीरा, धनिया, सौंफ, मेथी और अजवाइन की एक-एक चम्मच लें और फिर मिट्टी /कांच के ग्लास में डालें। रात में इन सभी चीजों को पानी में भिगो दें और फिर अगली सुबह से लगातार 11 दिन तक खाली पेट पिएं।
