इंडिया और ऑस्ट्रेलिया ने उतारा इंग्लैंड का बैजबॉल वाला भूत, सिर्फ छोटी टीमों के खिलाफ मिली है जीत
August 05, 2025
ब्रेंडन मैकुलम के कोच और बेन स्टोक्स के कप्तान बनने के बाद इंग्लैंड के टेस्ट क्रिकेट में बैजबॉल युग की शुरुआत हुई। बैजबॉल ऐरा का आगाज 2022 में पाकिस्तान की सरजमीं पर हुआ था। उस वक्त अंग्रेज टीम ने दुनिया में टेस्ट क्रिकेट के खेलने के अंदाज को बदलने की कोशिश की थी और इसमें वो काफी हद तक सफल भी हुए। उन्होंने विपक्षी टीम पर दबाव बनाने और उनका मनोबल तोड़ने के लिए आक्रामक अंदाज में खेलना शुरू किया। लेकिन उनका ये फार्मूला इंडिया-ऑस्ट्रेलिया जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ नहीं चला।
इंग्लैंड जहां छोटी टीमों के खिलाफ आक्रमक अप्रोच के साथ खेलती है, वहीं भारत और ऑस्ट्रेलिया के सामने उनकी टीम डिफेंसिव अप्रोच अपनाती है। भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ। इस सीरीज का आगाज इंग्लैंड ने धमाकेदार अंदाज में किया था। लीड्स में खेले गए पहले टेस्ट में उन्होंने 371 रनों के टारगेट को आसानी से हासिल कर लिया था। लेकिन दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया ने धमाकेदार वापसी करते हुए 336 रनों से बड़ी जीत दर्ज की और उसके बाद से बेन स्टोक्स की टीम पूरी तरह से बैकफुट पर चली गई। यही वजह है कि बैजबॉल ऐरा की शुरुआत के बाद से इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है।
आंकड़ों के जरिए आपको समझाएं तो इंग्लैंड ने बैजबॉल ऐरा में भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 16 मैच खेले हैं। इसमें से 6 में उन्हें जीत मिली तो 8 में हार का सामना करना पड़ा, वहीं 2 मैच ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। इंग्लैंड की टीम स्टोक्स-मैकुलम के अंडर में भारत और ऑस्ट्रेलिया से अभी तक तीन में से एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है।
अन्य टीमों के खिलाफ इंग्लैंड के प्रदर्शन की बात करें तो, बैजबॉल ऐरा में उन्होंने बाकी टीमों के खिलाफ 25 मैच खेले, जिसमें 19 में उन्हें जीत मिली और सिर्फ 6 ही मैच हारे। इसमें से एक भी मैच ड्रॉ नहीं रहा। इस दौरान इंग्लैंड की टीम ने 10 में से 8 टेस्ट सीरीज में जीत हासिल की है। इन आंकड़ों को देखकर ये कहा जा सकता है कि बैजबॉल की शुरुआत के बाद से इंग्लैंड की टीम सिर्फ छोटी टीमों के खिलाफ अपना दबदबा बना पाई है। भारत और ऑस्ट्रेलिया के सामने अंग्रेज टीम दबाव में ही रही है।
