बाराबंकी। उचित दर विक्रेताओं को अस्थाई दुकान मुहैया कराने के लिए सरकार प्रति वर्ष 75 दुकानों का निर्माण करवा कर देती है। व्यवस्था बदली है, अब अन्नपूर्णा स्टोर विभाग को भी बनाने के लिए बजट आवंटित होगा। इस वर्ष 75 मनरेगा और 150 पूर्ति विभाग से स्टोर निर्मित कराए जाएंगे।
मेरा गांव मेरा मनरेगा के तहत हर विकास खंड के पांच ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा स्टोर का निर्माण हो रहा है। निर्मित स्टोरों को कोटेदारों को आवंटित कर दिया जाएगा। यहीं से लोगों को राशन मिलेगा। एक स्टोर की लागत लगभग साढ़े आठ लाख रुपये हैं।
वर्ष 2023 में 75 स्टोर बनने थे, जिसमें से 70 बनकर तैयार हो गए हैं। 2024 में 42 पर काम चल रहा है। 2025 में 75 स्टोरों के निर्माण के लिए मंजूरी मिल चुकी है। वहीं, पूर्ति विभाग से भी 150 अन्नपूर्णा स्टोर बनाए जाएंगे। सभी की जमीन चिह्नित कर ली गई है। फिलहाल अभी पूर्ति और मनरेगा की ओर से स्टोर निर्माण कराने का आदेश हुआ है, जबकि शासनादेश के मुताबि ग्राम निधि, सांसद और विधायक निधि से भी अन्नपूर्णा बनाए जा सकेंगे।
जिस स्थान पर वाहन से राशन दिया जाता है, वहां से कुछ दुकानों की दूरी 200 है, कई उचित विक्रेताओं की दूरी लगभग 500 है। दुकानें चिह्नित हैं, जिसमें जिले की लगभग 139 दुकानें जहां पर वाहन नहीं पहुंच पाते हैं, वहां छोटे वाहन लगाए जाएं या फिर अन्नपूर्णा स्टोर निर्मित कराए जाएं। यह विकल्प के तौर पर सबसे ठीक माना जा रहा है। हर विकास खंड के पांच ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा स्टोर का निर्माण हो रहा है। एक स्टोर की लागत लगभग साढ़े आठ लाख रुपये हैं। स्टोरों के निर्माण को मंजूरी मिल गई हैं। अब वहां अन्नपूर्णा स्टोर बनाए जाएंगे, जहां पर खाद्यान्न से भरे वाहन नहीं पहुंच पाते हैं।
डा. राकेश कुमार तिवारी, जिला पूर्ति अधिकारी ने कहा कि अब मनरेगा के साथ ही पूर्ति विभाग की ओर से भी अन्नपूर्णा बनाकर दिए जाएंगे। उचित दर विक्रेताओं का खर्च कम करने के लिए उनके दुकान किराए के बोझ को कम किया जा रहा है। इसके लिए हर कोटेदार को एक-एक दुकान बनाकर दी जा रही हैं। यह दुकान सरकारी गल्ले के लिए ही आवंटित होंगी। कोटेदार बदले जाने पर अब दुकानें नहीं बदली जाएंगी।
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